सक्ती हत्याकांड में बड़ा खुलासा, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सोना खरीदने वाला कारोबारी भी पुलिस गिरफ्त में

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सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा क्षेत्र में हुए बुजुर्ग पति-पत्नी की हत्या मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। साथ ही मामले में दो मुख्य आरोपी और लूट का सोना खरीदने वाले ज्वेलरी शाॅप के संचालक को भी पकड़ा है। आरोपियों ने पति-पत्नी पर लोहे की राॅड से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी मृतिका के पहले आभूषण और घर में रखी नगदी लूटकर फरार हो गए थे।

जानकारी के मुताबिक, सक्ती जिला के मालखरौदा थाना के सेन्दुरस गांव में 2-3 जून की रात घर में सो रहे पति-पत्नि की हत्या कर दी गई थी। 3 जून को घटना की सूचना मिलते ही एसपी प्रफुल्ल ठाकुर खुद मौके पर पहुंचे। एसपी ने घटना को गंभीरता से लिया और अलग-अलग थानों व सायबर की टीम को मिलकर संयुक्त टीम का गठन कर जाँच के निर्देश दिए।

जाँच में पता चला कि मृतिका गुहरिन बाई खुंटे के द्वारा पहने हुये सोने के आभूषण गायब थे और कमरे का सामान भी बिखरा हुआ था। आरोपियों ने लूट की घटना को अंजाम देने की नीयत से हत्या की थी। इस संबंध में थाना मालखरौदा में अपराध क्रमांक 211/2026 धारा 331(8), 103(1) बीएनएस दर्ज कर जाँच में लिया गया। मौके पर डाॅग स्क्वायड व फौरेंसिक व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया।

आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग खुद घटना की पल-पल की जानकारी एसपी से ले रहे थे। इधर, संयुक्त टीम लगातार पांच दिनों तक 24 घण्टे ग्राम सेन्दुरस में कैम्प कर आरोपियों की जानकारी जुटा रही थी। जाँच के दौरान कई संदेहियों से पूछताछ की गई। साथ ही आरोपियों के पतासाजी के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग कर मोबाइल टावर व काॅल डिलेट का बारिकी से विश्लेषण किया गया।

घटनास्थल से मृतक पुरूषोत्तम खुंटे का मोबाइल भी गायब था, जिसे सायबर सर्विलेंश में रखा गया था। मोबाइल टावर व लोकेशन के आधार पर संदेहियों का खरसिया थाना क्षेत्र के आस-पास होने की जानकारी मिली।

पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पलगड़ा के जायसवाल ढाबा से आरोपी देवकुमार यादव 33 वर्ष निवासी पंडरीपानी थाना मालखरौदा, सक्ती को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी देवकुमार यादव के कब्जे से मृतक पुरूषोत्तम खुंटे का मोबाइल बरामद हुआ। आरोपी देवकुमार यादव ने हत्या को अपने अन्य साथी रूपचरण यादव 40 वर्ष निवासी पंडरीपानी के साथ मिलकर अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी रूपचरण अपने घर में छुपा हुआ था, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया।

आरोपियों ने बताया कि घटना के कुछ दिन पहले मृतक पुरूषोत्तम खुंटे के साथ घर के सामने मोटर सायकल रखने की बात को लेकर कहा सुनी हुई थी। मृतक पुरूषोत्तम खुंटे से आरोपी दुश्मनी रखने लगे थे। आरोपियों को पता था कि मृतक पति-पत्नी घर में अकेले रहते हैं। आरोपियों ने घटना वाले दिन मौंका पाकर रात के अंधेरे में स्केल पट्टी को दरवाजा के अंदर घुंसाकर दरवाजा खोला और घर के अंदर घुसे।

घर में घुंसते ही पलंग में सो रहे पुरूषोत्तम व उसकी पत्नि गुहरिन बाई के चेहरे व सिर पर लोहे की राड़ से हमला किये। आरोपियों ने घटना के बाद मृतिका के गले व नाक में पहने हुये सोने की ज्वेलरी लूट लिए। हत्या के बाद आरोपी मृतक के घर के अन्य कमरों की तलाशी लिए और कमरे में रखे रूपये व मोबाइल लेकर चले गये।आरोपी रूपचरण के कब्जे से वारदात के दौरान पहने हुये खुन लगा शर्ट-पेंट, 74,000 रूपये नगदी बरामद किया गया।

घटना के कुछ दिन बाद आरोपी रूपचरण यादव लूटे हुये आभूषणों को जैजैपुर के सराफा व्यापारी बाबूलाल साहू के पास 84,000 (चैरासी हजार) रूपये में बेच दिये थे। चोरी व लूट की संपत्ति खरीदने वाले बाबूलाल साहू के घर से मृतिका से लूटे हुये आभूषण को बरामद कर बाबूलाल 50 वर्ष को भी गिरफ्तार किया गया।