हाई कोर्ट पहुंचे DEO को लगा बड़ा झटका, सरकार के खिलाफ याचिका के बाद हुई सख्त कार्रवाई

बिलासपुर। राज्य सरकार के फैसले को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में चैलेंज करने वाले DEO के खिलाफ नाटकीय अंदाज में कार्रवाई हुई। स्थानांतरण आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता कार्यालय के अधिवक्ता व ओआईसी के वाट्सएप में मैसेज आया। मैसेज में याचिकाकर्ता डीईओ के खिलाफ निलंबन आदेश था। बस फिर क्या था, उनकी याचिका एक झटके में सुनवाई से बाहर हो गई।
स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर नारायणपुर के जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल को हटाकर उनकी जगह महेंद्र नाथ पांडेय को जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस आदेश को चुनौती देते हुए अशोक पटेल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका सुनवाई के लिए गुरुवार को सिंगल बेंच में लगी थी। कोर्ट में याचिकाकर्ता व राज्य शासन की ओर से पैरवी करने के लिए अधिवक्ता उपस्थित हो गए थे। मामले की सुनवाई प्रारंभ हो गई थी। इसी बीच स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शासकीय अधिवक्ता और ओआईसी के मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज पढ़ने के बाद ओआईसी सीधे अधिवक्ता के पास पहुंचे और बताया, याचिकाकर्ता पटेल को विभाग ने निलंबित कर दिया है।
इसे संयोग कहें या फिर सरकार की ओर से मामले मुकदमे से बचने और विभाग की कोर्ट में हो रही फजीहत से बचने की कोशिश कहा जाए। सुनवाई के दौरान नाटकीय ढंग से 18 जून को जारी हुआ उनका निलंबन आदेश सामने आ गया जिसमें उन्हें प्रधान पाठक के पदोन्नति आदेश में नियम विरुद्ध संशोधन करने के आरोप में निलंबित किया गया है।
याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल ने स्कूल शिक्षा विभाग का 18 जून.2026 का एक आदेश रिकॉर्ड पर रखा और बताया, याचिकाकर्ता को निलंबित कर दिया गया है और उसे मुख्यालय, लोक शिक्षा निदेशालय, नया रायपुर से संलग्न कर दिया गया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शाल्विक तिवारी ने कोर्ट को बताया कि उन्हें निलंबन के उपरोक्त आदेश के संबंध में कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुए हैं और इसलिए उन्होंने समय मांगा है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए एक सप्ताह का समय दिया है। याचिका की अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तिथि तय कर दी है।
संयुक्त संचालक बस्तर, जगदलपुर तथा जांच दल द्वारा दिए गये जांच प्रतिवेदन के अनुसार अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर (मूल पद प्राचार्य टी संवर्ग) द्वारा शासन निर्देशों के विपरीत प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति उपरांत काउंसलिंग के माध्यम से किए गए पदस्थापना स्थान में बिना काउंसलिंग किये पदांकित स्थान में संशोधन करने के जिम्मेदार पाए गये है।
अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता की गई है। उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है।
राज्य शासन, एतद्वारा, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर को निलंबित करते हुए, इनका मुख्यालय लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर छ.ग नियत किया जाता है। निलंबन काल में, नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।