स्टाइपेंड वृद्धि और आउटसोर्सिंग खत्म करने समेत तीन मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों का कैंडल मार्च
रायपुर। तीन मांगों को लेकर जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन के संयुक्त बैनर तले हुए इस शांतिपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में इंटर्न, PG रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और सुपरस्पेशलिटी डॉक्टर शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां और मांगों की तख्तियां लेकर डॉक्टरों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई।
1. स्टाइपेंड में सम्मानजनक वृद्धि: इंटर्न, PG, SR और सुपरस्पेशलिटी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी हो। साथ ही सुपरस्पेशलिटी कैडर का निर्माण किया जाए।
2. आउटसोर्सिंग रद्द हो: राज्य के बाहर से मेडिकल प्रोफेशनल्स की आउटसोर्सिंग का फैसला तुरंत वापस लिया जाए।
4. स्थानीय डॉक्टरों का भविष्य सुरक्षित हो: छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों के रोजगार अवसरों और चिकित्सा व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इंटर्न से सुपरस्पेशलिटी तक सभी को उचित सम्मान और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल रही।
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के आदेश से चिंता और बढ़ी है। इसमें अन्य राज्यों के डॉक्टरों को बिना स्थानीय पंजीयन के काम करने की अनुमति की बात है। इससे राज्य के युवा डॉक्टरों में असंतोष है।
डॉक्टरों ने साफ किया कि यह आंदोलन केवल वेतन वृद्धि का नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य, स्थानीय युवाओं के अवसरों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा का सवाल है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तो व्यापक आंदोलन की रणनीति पर विचार होगा।
मार्च के दौरान परिसर में “हमारा हक – हमारी आवाज – हमारा भविष्य”, “Save Local Doctors, Save Our Future” और “Respect Our Work, Respect Our Rights” के नारे गूंजे।
पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन पूरे चिकित्सक समुदाय के सम्मान और भविष्य का है। उन्होंने सरकार से संवाद कर मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने की अपील की।