आज मोहर्रम पर निकलेगा ताजिया जुलूस, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक राजधानी के कई मार्गों पर ट्रैफिक रहेगा प्रभावित

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रायपुर| मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर में ताजिया जुलूस के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। दोपहर करीब 2 बजे शुरू होने वाली ताजिया सवारी रात लगभग 10 बजे चौबे कॉलोनी स्थित करबला तालाब पहुंचेगी। जुलूस के दौरान भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्सन लागू किया है। ऐसे में लोगों से यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है।  यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जुलूस के दौरान भीड़भाड़ वाले मार्गों से बचें, घर से निकलने से पहले ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी लें और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

ताजिया सवारी नुरानी चौक, ताजनगर, ईरानी डेरा, राजातालाब, पंडरी बस स्टैंड, मरही माता चौक, मौदहापारा, मस्जिद गली, गुरुनानक चौक, राठौर चौक, रामसागर पारा, बढ़ई पारा, मोमिन पारा, आजाद चौक, आमापारा, आरकेसी के सामने और चौबे कॉलोनी टर्निंग होते हुए करबला तालाब पहुंचेगी। इसके अलावा राजातालाब, मोमीन पारा, अमीन पारा, छोटापारा, बैजनाथ पारा, नेहरू नगर और टिकरापारा सहित विभिन्न क्षेत्रों से भी ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे।

जीई रोड और शहर से दुर्ग-भिलाई जाने वाले वाहन शास्त्री चौक से महिला थाना चौक, कालीबाड़ी चौक, पचपेड़ी नाका होते हुए रिंग रोड-01 से गुजरेंगे।

सिटी बसों का संचालन जयस्तंभ चौक की बजाय कालीबाड़ी चौक और पचपेड़ी नाका मार्ग से किया जाएगा।

टाटीबंध से शहर आने वाले वाहनों को टाटीबंध चौक से सीधे रिंग रोड-01 की ओर मोड़ा जाएगा।

जीई रोड स्थित एनआईटी के पास डंगनिया और गोल चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात व्यवस्था बदली रहेगी।

पुरानी बस्ती, लाखेनगर और सुंदर नगर की ओर आने-जाने वाले वाहनों के लिए कालीबाड़ी, संतोषी नगर, जलगृह मार्ग और भाठागांव चौक का वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है।

मोहर्रम इस्लामी हिजरी कैलेंडर का पहला महीना है। इसकी 10वीं तारीख, आशूरा, पर पैगंबर मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में हुई शहादत को याद किया जाता है। उन्होंने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया और सत्य व इंसाफ के लिए अपना बलिदान दिया। इसलिए मोहर्रम शोक, श्रद्धा और त्याग का प्रतीक माना जाता है।

ताजिया इमाम हुसैन की कर्बला स्थित मजार का प्रतीकात्मक स्वरूप होता है। मोहर्रम के दौरान इसे श्रद्धा के साथ सजाकर जुलूस निकाला जाता है। भारत सहित कई देशों में ताजिया सवारी निकालने की परंपरा है। जुलूस के अंत में ताजिया को निर्धारित स्थान, जिसे कर्बला कहा जाता है, पर सुपुर्द किया जाता है।