नक्सलियों के छिपे ठिकाने का भंडाफोड़, जंगल से भारी मात्रा में हथियार और 24 लाख रुपये कैश बरामद
नारायणपुर| छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग इलाकों में बड़ी सफलता मिली है। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन में टेकला जंगल से हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया गया, जबकि छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 24 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।
सुरक्षा बलों के अनुसार, टेकला जंगल में छिपाए गए डंप से इंसास रायफल, एसएलआर, .303 रायफल, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। वहीं, दूसरे ऑपरेशन में तोयामेटा इलाके से नकदी मिलने के बाद माना जा रहा है कि यह रकम नक्सली संगठन के संचालन और गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखी गई थी।
सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों, विस्फोटकों और नकदी की जांच कर रही हैं। साथ ही आसपास के जंगलों में सर्च अभियान भी जारी है, ताकि नक्सलियों द्वारा छिपाए गए अन्य ठिकानों और सामग्रियों का पता लगाया जा सके।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार नक्सलियों के बड़े हथियार डंप और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
जनवरी 2026 (बीजापुर) – जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान इंसास, एसएलआर, .303 रायफल, बड़ी मात्रा में कारतूस और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
दिसंबर 2025 (नारायणपुर) – अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों का बड़ा हथियार डंप पकड़ा था, जिसमें कई हथियार, डेटोनेटर, जिलेटिन और आईईडी बनाने का सामान मिला था।
अक्टूबर 2025 (सुकमा) – जंगल में छिपाकर रखे गए हथियार, बारूद और दैनिक उपयोग की नक्सली सामग्री जब्त की गई थी।
जुलाई 2025 (बीजापुर) – संयुक्त अभियान के दौरान हथियारों के साथ भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी।
2024 में कई अभियान – बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों में अलग-अलग सर्च ऑपरेशन के दौरान इंसास, एसएलआर, .303 रायफल, बीजीएल शेल, आईईडी, डेटोनेटर और वायर सहित कई हथियार डंप पकड़े गए थे।