ऑक्सीजन सिलेंडर जोड़ते ही हुआ विस्फोट, तीन जिंदगियां पलभर में खत्म; जानिए पूरा घटनाक्रम
रायपुर| रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेंद्री की 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के दौरान हुए धमाके में तीन मजदूरों की मौत हो गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की इमारत तक हिल गई, बिजली आपूर्ति ठप हो गई और मृतकों के शरीर के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। घटना के बाद पुलिस, एफएसएल और श्रम विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
पुलिस के मुताबिक हादसा शाम करीब 7.30 बजे उस समय हुआ, जब फैक्ट्री की टेपिंग यूनिट में काम चल रहा था। ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने पर 17 वर्षीय अरुण पांडेय नया सिलेंडर जोड़ रहा था। सिलेंडर चालू करते ही तेज धमाका हुआ, जिसकी चपेट में मध्य प्रदेश के लाल सिंह और कमल सिंह भी आ गए। दोनों मजदूर पास में भोजन तैयार कर रहे थे। दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कमल सिंह ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों ने बताया कि धमाका इतना अचानक और तेज था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। विस्फोट के बाद करीब 10 मिनट तक फैक्ट्री में अंधेरा छाया रहा। बिजली आने पर वहां का दृश्य बेहद भयावह था। चारों ओर मलबा और शवों के अंग बिखरे पड़े थे, जिससे मजदूरों में दहशत फैल गई। उरला थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने बताया कि फैक्ट्री में पिग आयरन रिफाइनिंग का काम होता है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि एफएसएल की टीम विस्फोट की तकनीकी वजहों का पता लगा रही है। हादसे के बाद फैक्ट्री के मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के जोखिम भरे काम में लगाया जाता था और जरूरी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते थे। साथ ही यह भी आरोप है कि फैक्ट्री में नाबालिगों से भारी काम कराया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि कई नाबालिग दूसरे राज्यों से यहां काम करने आए हैं और फैक्ट्री के पास बने क्वार्टरों में अपने परिवारों के साथ रहते हैं। इस मामले में श्रम विभाग भी जांच कर रहा है कि श्रम कानूनों और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।