बाल संप्रेक्षण गृह से 13 नाबालिगों ने की फरारी, दरवाजे की रॉड तोड़ी और दीवार फांदकर निकले
अंबिकापुर| छत्तीसगढ़ से एक बार फिर बाल अपचारियों के भागने की की खबर सामने आ रही है. अंबिकापुर में मंगलवार शाम को बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक फरार हो गए. एक हफ्ते में यह दूसरी घटना है. इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के मुताबिक़, घटना मंगलवार शाम अंबिकापुर के गांधीनगर थाना स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की है. भागने वाले 13 अपचारी बालक अलग-अलग आपराधिक मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह में थे. पर किसे पता था ये लोग शातिर प्लान बना रहे हैं.
सभी 13 अपचारी बालकों ने मिलकर प्लान बनाया और उसके बाद प्लान के तहत बाल संप्रेक्षण गृह के पिछले पुराने दरवाजे में लगी लोहे की रॉड को तोड़ दिया. फिर संप्रेक्षण गृह के पीछे की ऊंची दीवार को फांदकर फरार हो गए. इसकी जानकारी मिलते ही हडकम्प मच गया.
सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. फरार बाल अपचारियों की तलाश में अलग-अलग टीमों को सक्रिय कर चुकी है. आसपास के इलाकों में उनकी तलाश कर रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज, और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है. इससे पहले 23 जून को भी इसी बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक फरार हो गए थे. जिनमे से दो अपचारी बालक अबतक पकड़े नहीं गए हैं.
बता दें, बिलासपुर जिले में रविवार की रात करीब 11 बजे बाल संप्रेक्षण गृह के भीतर चौकीदार की हत्या कर दी गई. मृतक चौकीदार की पहचान तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद निवासी नरेंद्र कुमार खांडे (40) के रूप में हुई. वह बीते तकरीब न एक साल से बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार के पद पर कार्यरत था. चार बाल अपचारियों ने पहले चौकीदार के साथ मारपीट की, फिर उसके हाथ-पैर बांधकर गला दबा दिया और मुंह में गमछा ठूंस दिया. वारदात के बाद चारों बाल अपचारी मौके से फरार हो गए.