मानसून का कहर जारी: छत्तीसगढ़ में 4 दिन तक मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

Weather Update : छत्तीसगढ़ में सोमवार, 20 जुलाई को मानसून की रफ्तार बेहद तेज नजर आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। जहां अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी, वहीं कुछ इलाकों में भारी बरसात होने की पूरी आशंका जताई गई है। इस दौरान बादलों की गड़गड़ाहट और आसमानी बिजली का खतरा भी बना हुआ है। लगातार हो रही इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि इस मानसूनी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों के कुछ जिलों में एक-दो जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार पानी गिरने की वजह से स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर तेजी से ऊपर आ सकता है, जिससे मैदानी और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है और लोगों से हर स्थिति में सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
अगर बात राजधानी रायपुर और उसके आस-पास के शहरों की करें, तो यहां भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और दिनभर रुक-रुककर फुहारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने साफ हिदायत दी है कि जब बिजली कड़क रही हो, तो खुले मैदानों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों। साथ ही, सड़कों पर वाहन चलाते समय रफ्तार धीमी रखें ताकि हादसों से बचा जा सके।
राहत या आफत का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों का जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुताबिक 23 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसून का दबदबा कायम रहेगा। 20 से लेकर 23 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की गंभीर स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद 24 और 25 जुलाई को भी पानी बरसने का क्रम जारी रहेगा, हालांकि इन अंतिम दो दिनों के लिए कोई बड़ी या विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
बदलते मौसम के बीच सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें। खेतों में काम करने वाले किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का हाल देखकर ही फसलों की निगरानी के लिए बाहर निकलें। गरज-चमक के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें। कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह हावी रहने वाला है, इसलिए थोड़ी सी सावधानी आपको किसी भी बड़े नुकसान से बचा सकती है।