ड्रिंक एंड ड्राइव पर कोर्ट सख्त, आरोपी को मिली ऐसी सजा जिसने सबको चौंकाया

जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से सड़क सुरक्षा को लेकर एक अनोखा और सख्त न्यायिक फैसला सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने शराब के नशे में वाहन चलाने के एक आरोपी को सिर्फ जुर्माना या जेल की सजा देने के बजाय सुधारात्मक और समाजोपयोगी दंड दिया है।
अदालत ने आरोपी पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उसे 30 दिनों तक प्रतिदिन तीन घंटे सामुदायिक सेवा करने का भी आदेश दिया गया है। इस दौरान आरोपी को जांजगीर कोतवाली पुलिस स्टेशन परिसर में झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई का कार्य करना होगा। इतना ही नहीं, उसे शहर के प्रमुख चौराहों पर लोगों को शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी पहले भी दो बार शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा जा चुका था। बार-बार चेतावनी और कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। इसी को देखते हुए अदालत ने इस बार पारंपरिक सजा के बजाय सुधारात्मक कदम उठाने का फैसला किया।
अदालत का मानना है कि इस तरह की सामुदायिक सेवा से आरोपी को अपनी गलती का एहसास होगा और समाज में भी सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा। साथ ही लोगों को नशे में वाहन चलाने के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक करने में भी मदद मिलेगी।
यह फैसला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को बढ़ावा देने और शराब पीकर वाहन चलाने जैसी लापरवाही पर सख्त संदेश देने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।