कैंसर के इलाज का झांसा देकर महिला से लाखों की ठगी, टीवी पर दिखे ज्योतिष विज्ञापन पर किया था भरोसा

cancer_scam_thumbnail_250kb

बालोद : बालोद जिले में अंधविश्वास और साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। टीवी पर प्रसारित एक कथित ज्योतिष विज्ञापन पर भरोसा करना एक परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए चौथे स्टेज के कैंसर का इलाज करने का दावा कर ठगों ने महिला से 13 लाख 13 हजार 673 रुपए ऐंठ लिए। जब पीड़िता ने रकम वापस मांगी तो उसे पुलिस, CBI जांच और हत्या के केस में फंसाने की धमकियां दी गईं।  मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री का है।

पुलिस ने महिला की शिकायत पर उत्तर प्रदेश निवासी वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित प्रेमलता चंद्राकर (55) ने पुलिस को बताया कि उनके पति ऋषि चंद्राकर चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। इलाज के दौरान उन्होंने एक धार्मिक चैनल पर ‘लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था’ का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद कथित ज्योतिषियों ने दावा किया कि विशेष पूजा और अनुष्ठानों से उनके पति पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।

विश्वास में लेने के बाद अलग-अलग पूजा, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर लगातार पैसे मांगे जाने लगे। सबसे पहले बारकोड के जरिए 30 हजार रुपए जमा कराए गए। इसके बाद 28 नवंबर 2024 को फोन-पे के माध्यम से 18 हजार रुपए भेजने को कहा गया। फिर बैंक खाते, फोन-पे, गूगल-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार रकम ट्रांसफर कराई जाती रही।

पति की जान बचाने की उम्मीद में प्रेमलता चंद्राकर ने अपना सोना गिरवी रखा और परिचितों से उधार लेकर रकम जुटाई। शिकायत के अनुसार बेटी रूही चंद्राकर से 2.30 लाख रुपए, अमन देवांगन के माध्यम से 7 लाख 40 हजार 673 रुपए, नेहुल निर्मल से 25 हजार रुपए, तुषार साहू से 40 हजार रुपए, जयंत देशमुख से 73 हजार रुपए और छत्रपाल साहू से 2.05 लाख रुपए लेकर आरोपियों के बताए खातों में भेजे गए। इस तरह कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपए ट्रांसफर किए गए।

महिला का आरोप है कि बाद में वेद प्रकाश तिवारी के नाम से दोबारा फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि संस्था के कुछ लोगों ने उसके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है और दो महीने के भीतर पूरी रकम वापस दिला दी जाएगी। इसके कुछ समय बाद आरोपियों ने नया बहाना बनाते हुए बताया कि राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और कथित सुसाइड नोट में महिला व वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है। आरोपियों ने कहा कि अगर और पैसे नहीं दिए गए तो उत्तर प्रदेश पुलिस घर पहुंचेगी, CBI जांच होगी और हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। डर का माहौल बनाकर फिर ऑनलाइन रकम मांगने की कोशिश की गई।

पुलिस के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम 28 नवंबर 2024 से 30 मई 2026 के बीच चला। शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया है।

रीसेंट पोस्ट्स