बिलासपुर जेल में कैदी की मौत से बवाल: गैसीफायर भट्ठी में कूदने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े किए सवाल

बिलासपुर : प्रदेश की सबसे बड़ी और हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली बिलासपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने जेल परिसर में संचालित गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी में छलांग लगा दी। घटना में कैदी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन ने तत्काल सायरन बजाकर आपात स्थिति घोषित की और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
मृतक की पहचान राहुल उर्फ विकेश कंवर (46), पिता अमर सिंह कंवर, निवासी बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा के रूप में हुई है। वह डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जेल परिसर में गैसीफायर प्लांट संचालित है, जहां लकड़ियों से गैस तैयार की जाती है। इसी गैस का इस्तेमाल जेल की रसोई में बंदियों का भोजन पकाने के लिए किया जाता है। बुधवार को प्लांट की भट्ठी चालू थी। इसी दौरान कैदी राहुल अचानक वहां पहुंचा और देखते ही देखते जलती भट्ठी में छलांग लगा दी।
अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद जेलकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने सेंट्रल जेल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए FSL टीम को भी बुलाया है। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और कैदी गैसीफायर प्लांट के संवेदनशील क्षेत्र तक कैसे पहुंचा।
घटना ने बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद आजीवन कारावास का कैदी आखिर गैसीफायर प्लांट जैसे संवेदनशील और खतरनाक स्थान तक कैसे पहुंच गया?
पुलिस और जेल प्रशासन घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जानकारी जुटा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंदियों के बीच मारपीट, संदिग्ध मौत, मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों की बरामदगी जैसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर जेल की आंतरिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। कैदी ने यह कदम क्यों उठाया, क्या वह किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। साथ ही सुरक्षा में संभावित चूक की भी पड़ताल होगी। जेल प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।