स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर! कृषि कॉलेज में एडमिशन शुरू, अभी नोट करें आवेदन की अंतिम तारीख

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रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बी.एस.सी. कृषि पाठ्यक्रमों के लिए पहले चरण की काउंसलिंग हो रही है। यह ऑनलाइन प्रक्रिया पांच अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगी। छात्र विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रवेश प्रक्रिया नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार होगी।

छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए कृषि शिक्षा का रास्ता खुल गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV – Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya) के अंतर्गत यह प्रक्रिया शुरू हुई है। प्रदेशभर के शासकीय और निजी महाविद्यालयों में यह काउंसलिंग होगी। बी.एस.सी. कृषि स्नातक पाठ्यक्रम के लिए यह पहला चरण है।

यह ऑनलाइन काउंसलिंग पांच अगस्त से शुरू हो रही है। छात्र 14 अगस्त तक अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। समय सीमा का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। तय तारीख के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं होगा। छात्रों को अपनी तैयारी समय रहते पूरी करनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय से जुड़े कई कॉलेज इस सत्र में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें कई शासकीय संस्थान और निजी महाविद्यालय शामिल हैं। छात्र अपनी पसंद के अनुसार कॉलेजों का चयन कर सकते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण चरण शामिल किए गए हैं। सबसे पहले छात्रों को पोर्टल (IGKV Admission Portal) पर पंजीयन करना होगा। इसके बाद अपने सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों के सही होने पर आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।

मेरिट सूची के आधार पर ही सीटों का आवंटन किया जाएगा। जिन छात्रों का नाम सूची में आएगा वे आगे बढ़ेंगे। इसके बाद छात्रों को ऑनलाइन फीस का भुगतान करना होगा। फीस जमा होने के बाद प्रवेश की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।

काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने से पहले दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है। 10 वीं और 12 वीं की अंकसूची आपके पास होनी चाहिए। इसके अलावा पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र भी आवश्यक हैं। सभी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपलोड करने के लिए रखनी होगी।

इस बार की प्रवेश प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव हुआ है। यह पूरी प्रक्रिया नई शिक्षा नीति (NEP – National Education Policy) के तहत हो रही है। इसके तहत छात्रों को आधुनिक और लचीली शिक्षा प्रणाली मिलेगी। कृषि क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना इसका मुख्य उद्देश्य है। छात्रों को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे। आधुनिक खेती और अनुसंधान के नए तरीके सिखाए जाएंगे। शिक्षा नीति के कारण पाठ्यक्रम भी काफी बेहतर हुआ है। इससे छात्रों का भविष्य और अधिक उज्जवल हो सकेगा।

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान कई बार तकनीकी समस्याएं आ जाती हैं। कई छात्रों का ट्रांजेक्शन बीच में ही असफल हो जाता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए विश्वविद्यालय ने विशेष तारीख तय की है। असफल ट्रांजेक्शन के लिए फीस रीपेमेंट 16 अगस्त को होगी।

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