यूजीसी की बड़ी कार्रवाई: एडटेक कंपनियों के साथ मिलकर ऑनलाइन डिग्री देने वाले 32 फर्जी विश्वविद्यालय बेनकाब

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नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने फर्जी ऑनलाइन डिग्री और गैर-मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। आयोग ने छात्रों और अभिभावकों को सतर्क करते हुए कहा है कि कुछ एडटेक (EdTech) कंपनियां यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के नाम का इस्तेमाल कर ऑनलाइन और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कोर्स संचालित करने का भ्रामक प्रचार कर रही हैं। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की फ्रेंचाइजी व्यवस्था पूरी तरह अवैध है और ऐसे माध्यम से प्राप्त डिग्रियों को कोई वैधानिक मान्यता नहीं मिलेगी।

यूजीसी ने सार्वजनिक सूचना जारी कर कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले एडटेक प्लेटफॉर्म और उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने साफ किया है कि छात्रों को गुमराह करने वाले किसी भी संस्थान या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा।

फर्जी प्रवेश, अवैध डिग्री और शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए यूजीसी ने अपने एंटी-मालप्रैक्टिस सेल (AMPC) को और अधिक सक्रिय कर दिया है। यह सेल यूजीसी अधिनियम-1956 का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर लगातार निगरानी रखेगा और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच करेगा।

यूजीसी के अनुसार, शिकायत मिलने पर संबंधित संस्थानों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो उन्हें फर्जी विश्वविद्यालय घोषित कर सूची में शामिल कर दिया जाता है। फरवरी 2026 में जारी नवीनतम सूची में देशभर के 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय के रूप में चिन्हित किया गया है। इन संस्थानों की सूची यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

फर्जी संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए यूजीसी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने-अपने क्षेत्र में संचालित अवैध शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे संस्थानों को लगातार चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

आयोग छात्रों को जागरूक करने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से फर्जी संस्थानों की जानकारी साझा कर रहा है, ताकि विद्यार्थी किसी भी तरह के शैक्षणिक धोखाधड़ी का शिकार न हों।

यूजीसी ने छात्रों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन, डिस्टेंस (ODL) या रेगुलर कोर्स में प्रवेश लेने से पहले संबंधित विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रम की मान्यता यूजीसी-डीईबी (DEB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Approval Status में अवश्य जांच लें। बिना सत्यापन के किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से भविष्य में डिग्री अमान्य होने का जोखिम हो सकता है।

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