Weather Update : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, भारी बारिश के साथ, तेज हवाओं का अलर्ट

mausam

रायपुर। प्रदेश के लोगों को पिछले कुछ दिनों से जिस बारिश का इंतजार था, वह अब खत्म होने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त से पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून का असर काफी तेज देखने को मिलेगा। राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश तो होगी ही, लेकिन कुछ खास जिलों में मूसलाधार और अति भारी बारिश का दौर भी शुरू हो सकता है। रायपुर और मुंगेली जैसे जिलों में तो एक-दो स्थानों पर इतनी तेज बारिश का अनुमान जताया गया है कि निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ सकता है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और बिजली चमकने का भी सिलसिला जारी रहने वाला है। 

अगर अगले 24 घंटों की बात करें, तो मानसून की गतिविधियों में काफी तेजी आने वाली है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के हिस्सों पर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) की वजह से मौसम का यह रुख बदल रहा है। इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों में देखने को मिलेगा, जहां कई स्थानों पर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ भारी बारिश हो सकती है। दिन भर रूक-रूक कर बौछारें पड़ने और आसमान में घने बादल छाए रहने से तापमान में भी गिरावट आने की उम्मीद है।

मौसम केंद्र ने प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जैसे क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश का अंदेशा है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के समय खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न खड़े हों।

आसमान से बरस रही इस राहत की वजह एक मजबूत वेदर सिस्टम है। 9 अगस्त की दोपहर तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर एक लो प्रेशर एरिया पूरी तरह से सक्रिय हो चुका था। इसके साथ ही एक चक्रवाती हवाओं का घेरा (Cyclonic Circulation) भी काम कर रहा है, जिसे मानसून ट्रफ से भी लगातार ताकत मिल रही है। इन तीनों सिस्टम के एक साथ एक्टिव होने के कारण ही पूरे प्रदेश में नमी बढ़ रही है और आने वाले कम से कम दो से तीन दिनों तक प्रदेश भर में झमाझम बारिश की यह स्थिति बनी रहेगी। 

अगर पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्ज की बारिश दर्ज की गई। बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते पारे में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली। बेमेतरा में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सक्ती और सुकमा में 31.6 डिग्री, बलरामपुर-रामानुजगंज में 31.2 डिग्री और गरियाबंद में तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड हुआ।

अगर आप रायपुर या उसके आसपास के इलाकों में रहते हैं, तो 10 अगस्त को आपको अपना छाता या रेनकोट साथ रखकर ही बाहर निकलना चाहिए। राजधानी में दिनभर घने बादलों का डेरा रहेगा और दो-तीन बार तेज हवाओं के साथ अच्छी बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी।

खगोलशा