नौकरी का झांसा देकर 50 हजार ऐंठे, पुलिस ने दो आरोपियों पर दर्ज किया केस

सरगुजा। उत्तर छत्तीसगढ़ सरगुजा की युवती को महिला बाल विकास विभाग में महिला सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने के नाम से दो युवकों ने 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। युवकों ने नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख रुपये मांगे थे। बतौर एडवांस 50 हजार रुपये दिया था। मामले में युवती की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
अंबिकापुर के बौरीपारा निवासी युवती सोनम जायसवाल ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, सूरजपुर जिले के सलका निवासी विजय गुप्ता और सरगुजा के डिगमा निवासी संजय घोष ने महिला सुपरवाइजर पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। दोनों से उसका परिचय एक अन्य परिचित के माध्यम से हुआ था।
शिकायत में सोनम जायसवाल ने बताया है, तकरीबन तीन साल पहले महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। सोनम ने बताया है उसने एमएससी की है। एक परिचित दया यादव के बताये अनुसार उसने विजय गुप्ता से संपर्क किया तो उसने सुपरवाइजर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और 4 लाख रुपये मांगे। सोनम जायसवाल ने कहा कि वह पैसा किश्तों में दे सकेगी।
विजय गुप्ता ने पैसा लेने के लिए डिगमा निवासी संजय घोष को 26 अगस्त 2023 को सोनम जायसवाल के घर भेजा। सोनम की मां मनोरमा जायसवाल ने परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में संजय घोष को 50 हजार रुपये दे दिया। जब सुपरवाइजर पद की लिस्ट निकली तो उसमें सोनम जायसवाल का नाम नहीं आया। आरोपियों ने झांसा दिया कि अगली भर्ती में उसका नाम आ जाएगा, लेकिन उसकी नौकरी आज तक नहीं लगी।
सोनम जायसवाल ने बताया कि विजय गुप्ता एवं संजय घोष ने उसके चाचा दिनेश जायसवाल की स्कार्पियो वाहन क्रमांक सीजी 15 सीक्यू 7042 को भी बात कर किराये पर लिया था और बताया कि वे अधिकारियों के यहां गाड़ियां किराये पर देते हैं। हर माह उन्हें किराये की राशि मिल जाएगा। आज तक दोनों ने न तो किराया दिया है और न ही गाड़ी वापस की है। शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी विजय गुप्ता और संजय घोष के खिलाफ धारा 420,34 का अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।