बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य महिला आयोग की शक्तियों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि महिला आयोग का अधिकार क्षेत्र मुख्य रूप से सलाह देने और संबंधित अधिकारियों को सिफारिश करने तक सीमित है। आयोग पक्षकारों के अधिकार और दायित्व तय नहीं कर सकता। साथ ही वह मुआवजा बढ़ाने, एफआईआर दर्ज कराने या किसी परियोजना का काम रोकने जैसे बाध्यकारी निर्देश भी जारी नहीं कर सकता।