हाईकोर्ट को मिली बड़ी सौगात, 3 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति पर राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

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बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में न्यायिक व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाई कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है। नियुक्त किए गए नए न्यायाधीशों में सुषमा सावंत, सुधीर कुमार और संतोष शर्मा शामिल हैं।

संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत जारी अधिसूचना के मुताबिक, तीनों न्यायिक अधिकारियों को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों से हाई कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

इन नियुक्तियों की प्रक्रिया 18 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक के बाद आगे बढ़ी थी। कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में जज के पद के लिए बेंच कोटे से तीन न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्तियों को औपचारिक रूप से मंजूरी मिल गई है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए बेंच और बार कोटे से पांच-पांच नामों का प्रस्ताव भेजा गया था। फिलहाल बेंच कोटे से तीन नामों को मंजूरी मिली है। वहीं, अधिवक्ता कोटे से भेजे गए पांच नामों पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के फैसले का इंतजार है। ऐसे में आने वाले समय में हाई कोर्ट में और नियुक्तियां होने की संभावना है।

सुषमा सावंत ने उच्च न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव के बाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश पद तक पहुंच बनाई है। वह महासमुंद, बिलासपुर और राजनांदगांव में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशक, कुटुंब न्यायालय बिलासपुर की प्रधान न्यायाधीश और विधि एवं विधायी कार्य विभाग में अतिरिक्त सचिव तथा प्रधान सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम कर चुकी हैं।

सुधीर कुमार B.A. और LL.B. शिक्षित हैं। उन्हें जिला न्यायालयों के साथ-साथ विशेष न्यायालय और कुटुंब न्यायालय में काम करने का व्यापक अनुभव है। वह न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास, हाई कोर्ट में विजिलेंस और प्रशासनिक कार्यों के अलावा लोक सेवा आयोग में विधिक सलाहकार की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

उन्होंने बिलासपुर, जशपुर, कोरबा, महासमुंद, दंतेवाड़ा, धमतरी और दुर्ग समेत कई जिलों में विभिन्न न्यायिक पदों पर सेवाएं दी हैं।

संतोष शर्मा मूल रूप से मध्य प्रदेश के सीहोर के रहने वाले हैं। उन्होंने 19 मार्च 2009 को सीधे उच्च न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। 16 वर्ष से अधिक के न्यायिक अनुभव वाले शर्मा वर्तमान में कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं।

वह छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार (S&A) और रजिस्ट्रार (Vigilance) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। इसके अलावा बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, रायपुर और सूरजपुर में विभिन्न न्यायिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद अब हाई कोर्ट में बार कोटे से प्रस्तावित नामों पर होने वाले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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