छत्तीसगढ़ में DRI की बड़ी कार्रवाई, 35 करोड़ का गांजा जब्त; दो ट्रक और चार आरोपी गिरफ्तार

रायपुर : छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर सीमा क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान 700 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया है। तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे आंध्र प्रदेश नंबर के दो ट्रकों को भी जब्त किया गया है। मामले में दोनों ट्रकों के ड्राइवर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
DRI के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 35 करोड़ रुपये है। शुरुआती जांच में पता चला है कि तस्करों ने गांजे को ट्रकों में रखे लोहे के सामान के बीच छिपाया था। यह खेप ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी।
DRI को गांजे की बड़ी खेप के परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने रायपुर सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान आंध्र प्रदेश नंबर वाले दो ट्रक जांच के लिए रोके गए।
तलाशी के दौरान ट्रकों में लोहे के सामान के बीच छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। जांच में इसकी मात्रा 700 किलो से अधिक पाई गई। इसके बाद DRI ने दोनों ट्रकों को जब्त कर लिया।
कार्रवाई के बाद DRI ने दोनों ट्रकों के ड्राइवर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप ओडिशा में कहां से लाई गई थी और महाराष्ट्र में इसे किस व्यक्ति या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।
DRI इस मामले में तस्करी से जुड़े फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की भी जांच कर रही है। इसके तहत गांजे के स्रोत से लेकर अंतिम खरीदार और डिलीवरी नेटवर्क तक जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
700 किलो से अधिक गांजे की बरामदगी और इसकी करीब 35 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत ने मामले को गंभीर बना दिया है। लोहे के सामान के बीच गांजा छिपाकर दो ट्रकों के जरिए परिवहन किए जाने से संगठित तस्करी नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है।
DRI अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जब्त ट्रकों का इस्तेमाल पहले किसी अन्य अवैध गतिविधि में किया गया था या नहीं।
फिलहाल गांजा और दोनों ट्रक DRI के कब्जे में हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच आगे बढ़ने पर तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम और पूरी सप्लाई चेन का खुलासा होने की उम्मीद है।