यात्रियों को बड़ी राहत, रेलवे ने चलाई 102 स्पेशल ट्रेनें; यूपी-बिहार से लेकर महाराष्ट्र और दक्षिण भारत तक बढ़ी कनेक्टिविटी

नई दिल्ली। देशभर में त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ ही घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और छठ के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ को देखते हुए नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। बुकिंग शुरू होने के कुछ ही समय में कई ट्रेनों की सीटें भर जा रही हैं और वेटिंग लंबी होती जा रही है।
यात्रियों की इस परेशानी को कम करने के लिए रेलवे ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच 102 स्पेशल ट्रेनों के संचालन की योजना जारी की है। रेलवे की सूची में अप और डाउन सेवाओं को अलग-अलग गिना गया है। इनमें नई स्पेशल ट्रेनें, मौजूदा ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे और कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त कोच शामिल हैं।
त्योहारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश से गुजरात और महाराष्ट्र के लिए कई विशेष सेवाएं चलाई जाएंगी। इनमें कानपुर सेंट्रल-आसरवा, आगरा कैंट-उधना, आसरवा-आगरा कैंट और झांसी-बांद्रा टर्मिनस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। इन सेवाओं के जरिए यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेंगे।
प्रयागराज और सुभेदारगंज से उधना, साबरमती, वलसाड, दादर, इंदौर, वेरावल और पनवेल के लिए भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें कुछ ट्रेनें सप्ताह में दो दिन चलेंगी, जबकि कुछ के अतिरिक्त फेरे निर्धारित किए गए हैं।
सुभेदारगंज-पनवेल स्पेशल के पांच अतिरिक्त फेरे भी प्रस्तावित हैं। इस ट्रेन में 22 LHB कोच लगाए जाएंगे।
रांची-आनंद विहार, कानपुर सेंट्रल-कोलकाता, आगरा कैंट-कोलकाता, झांसी-आसनसोल और आजमगढ़-बांद्रा टर्मिनस सहित कई रूटों पर अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
मदार जंक्शन-पटना जंक्शन और प्रयागराज-शकूर बस्ती जैसी ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं। नारायणपुर बाजार-शकूर बस्ती के लिए भी विशेष सेवा निर्धारित की गई है।
हावड़ा-रक्सौल, सियालदह-पटना, सियालदह-सीतामढ़ी, सियालदह-गोरखपुर और कोलकाता-मधुबनी के बीच कई स्पेशल ट्रेनें संचालित होंगी।
इसके अलावा आसनसोल-पटना, आसनसोल-गोरखपुर, मालदा टाउन-दीघा और हावड़ा-लुमडिंग के बीच भी अतिरिक्त सेवाएं रहेंगी। कोलकाता-न्यू जलपाईगुड़ी के लिए वीकेंड स्पेशल ट्रेनें और कोलकाता-लालकुआं के लिए भी अतिरिक्त फेरे निर्धारित किए गए हैं।
पूर्वोत्तर क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए संतरागाछी-नाहरलागुन, कानपुर सेंट्रल-गुवाहाटी, कोलकाता-डिब्रूगढ़ और अमृतसर-कटिहार के बीच अतिरिक्त सेवाएं चलाई जाएंगी।
मुंबई सेंट्रल-कटिहार के भी अतिरिक्त फेरे होंगे। वहीं भागलपुर-कटिहार सेवा को 30 नवंबर तक दैनिक आधार पर बढ़ाया गया है।
दक्षिण भारत के रूटों पर विशाखापत्तनम-एसएमवीटी बेंगलुरु, शालीमार-चारलपल्ली, हैदराबाद-मैंगलुरु सेंट्रल, कानपुर सेंट्रल-एसएमवीटी बेंगलुरु और संबलपुर-पोदनूर के बीच अतिरिक्त ट्रेनें चलेंगी।
कानपुर सेंट्रल-मदुरै और अहमदाबाद-मैंगलुरु जंक्शन के बीच भी विशेष सेवाएं निर्धारित की गई हैं।
मध्यप्रदेश के यात्रियों के लिए भी रेलवे ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। भोपाल मंडल से पुणे-गोरखपुर और मुंबई CSMT-गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। ये ट्रेनें इटारसी, भोपाल, बीना, झांसी, कानपुर, लखनऊ और गोंडा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी।
पुणे-गोरखपुर स्पेशल अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से नवंबर तक चलेगी और दोनों दिशाओं में कुल 44 फेरे लगाएगी। मुंबई CSMT-गोरखपुर स्पेशल के 43 फेरे निर्धारित किए गए हैं।
रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के साथ ऑनलाइन टिकट बुकिंग व्यवस्था को भी मजबूत किया है। IRCTC के NGET यानी Next Generation eTicketing सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके साथ सर्वर क्षमता बढ़ाने, यूजर इंटरफेस में बदलाव और एंटी-बॉट तकनीक लागू करने जैसे कदम उठाए गए हैं।
IRCTC के अनुसार, आरक्षित टिकटों का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन बुक होता है और सिस्टम अपग्रेड के बाद NGET की क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है। नए इंटरफेस में स्लीपर, AC 3 टियर और AC 2 टियर की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर देखने की सुविधा दी गई है।
रेलवे ने यात्रियों से टिकट केवल अधिकृत माध्यमों से बुक करने की अपील की है। टिकट बुकिंग के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या IRCTC Rail Connect ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
यात्रियों को बुकिंग के दौरान अपना सही और चालू मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहा गया है, ताकि ट्रेन के समय, प्लेटफॉर्म और अन्य जरूरी अपडेट SMS के जरिए मिल सकें।
त्योहारी सीजन में बढ़ती भीड़ के बीच इन स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेंगे। मांग और यात्री दबाव को देखते हुए रेलवे आगे भी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सेवाएं बढ़ा सकता है।