प्रयास विद्यालय के छात्र को टीसी देकर निकाला, बाल आयोग ने लिया संज्ञान; पढ़ाई जारी रखने के निर्देश

छात्र के पालक ने आयोग को आवेदन देकर शिकायत की थी कि कथित तौर पर कुछ गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे विद्यालय से निष्कासित कर टीसी जारी कर दी गई। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों के संबंध में छात्र की संलिप्तता की कोई पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है।
पालक का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त जानकारी दिए बिना छात्र को कक्षा से बाहर कर दिया गया और बाद में उसकी टीसी जारी कर दी गई। इसके बाद उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
आवेदन का संज्ञान लेते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) और धारा 14 के तहत मामले की जांच शुरू की है।
आयोग ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक एवं लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग अध्यक्ष ने सहायक आयुक्त से फोन पर चर्चा कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। आयोग ने छात्र की टीसी निरस्त करने और उसकी शिक्षा दोबारा जारी रखने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच के दौरान छात्र की शिक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मामले की सुनवाई और जांच के लिए प्रयास विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य और अधीक्षक को 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों अधिकारियों को संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा है कि प्रकरण के अंतिम निराकरण तक छात्र के शैक्षणिक हित सर्वोपरि रहेंगे और उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखी जाए।