अनुकम्पा नियुक्ति में 10% सीमा हटाने की मांग, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने CM और मुख्य सचिव को भेजा मांग-पत्र

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रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए 10 प्रतिशत की सीमा में शिथिलीकरण की मांग की है। फेडरेशन ने इसके साथ ही राज्य स्तर पर उपलब्ध रिक्त पदों की गणना के आधार पर पात्र आश्रितों को नियुक्ति देने का सुझाव दिया है।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को मांग-पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग समेत कई विभागों के जिलों और कार्यालयों में सहायक वर्ग-03 के स्वीकृत पदों की संख्या काफी कम है। ऐसे छोटे संवर्ग वाले कार्यालयों में 10 प्रतिशत की सीमा लागू होने के कारण अनुकम्पा नियुक्ति के लिए एक भी पद उपलब्ध नहीं हो पाता।

फेडरेशन ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी जिला कोषालय में सहायक वर्ग-03 के 7 पद स्वीकृत हैं और इनमें से 25 प्रतिशत पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए आरक्षित हैं, तो 6 पद बचते हैं। इन 6 पदों का 10 प्रतिशत केवल 0.60 पद होता है। पूर्णांक में एक पद नहीं बनने के कारण पात्र आश्रित होने के बावजूद सहायक वर्ग-03 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति नहीं हो पाती।

फेडरेशन का कहना है कि दिवंगत शासकीय सेवकों के कई आश्रित एमबीए, इंजीनियरिंग, स्नातकोत्तर और अन्य उच्च शैक्षणिक योग्यताएं रखते हैं। लेकिन 10 प्रतिशत की सीमा के चलते तृतीय श्रेणी के पद उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें अपनी योग्यता के अनुरूप नियुक्ति नहीं मिल पाती। कई मामलों में उच्च शिक्षित आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी के पद स्वीकार करने पड़ते हैं।

कमल वर्मा ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति का उद्देश्य दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। ऐसे में केवल छोटे संवर्ग में पदों की संख्या कम होने के कारण पात्र एवं योग्य आश्रित को तृतीय श्रेणी के पद से वंचित करना व्यावहारिक समस्या पैदा करता है।

फेडरेशन ने अपने मांग-पत्र में वर्ष 2020-21 में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 10 प्रतिशत की सीमा में किए गए शिथिलीकरण का भी उल्लेख किया है। फेडरेशन के अनुसार, उस दौरान प्रदेश के कई दिवंगत शासकीय सेवकों के पात्र आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुरूप नियुक्ति का अवसर मिला था।

फेडरेशन ने सरकार से पूर्व में किए गए शिथिलीकरण के प्रावधान का परीक्षण कर वर्तमान परिस्थितियों में भी पात्र परिवारों को राहत देने की मांग की है।

  • अनुकम्पा नियुक्ति के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत की सीमा में शिथिलीकरण किया जाए।
  • कम स्वीकृत पद वाले कार्यालयों में भी पात्र आश्रितों को तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्ति का अवसर दिया जाए।
  • विभिन्न जिलों और कार्यालयों में उपलब्ध रिक्त पदों की राज्य स्तरीय गणना कर अनुकम्पा नियुक्ति की व्यवस्था की जाए।
  • उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले पात्र आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुरूप पद दिया जाए।
  • अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का जिलेवार परीक्षण कर जल्द निराकरण किया जाए।

फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि दिवंगत शासकीय सेवकों के परिवारों की परिस्थितियों और पात्र आश्रितों की शैक्षणिक योग्यता को ध्यान में रखते हुए 10 प्रतिशत की सीमा में आवश्यक शिथिलीकरण किया जाए। साथ ही राज्य स्तर पर रिक्त पदों की गणना की व्यवस्था लागू कर पात्र आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुरूप तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति का अवसर देने की दिशा में जल्द निर्णय लिया जाए।