रेलवे बदलेगा PNR नंबरों का सिस्टम, दिसंबर से लागू हो सकती है नई व्यवस्था; 1230 ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए आरक्षण व्यवस्था को और आधुनिक बनाने की तैयारी में है। रेलवे दशकों से इस्तेमाल हो रही PNR नंबरों की मौजूदा सीरीज में बदलाव करने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई PNR व्यवस्था दिसंबर से लागू की जा सकती है। इसका असर देशभर में आरक्षित टिकटों पर देखने को मिलेगा।
रेलवे ने नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ से संचालित एक ट्रेन में नई PNR व्यवस्था का परीक्षण किया गया है। इसके तहत मौजूदा PNR नंबरों की जगह नए माइग्रेटेड PNR नंबर जारी किए जाएंगे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद PNR नंबर 1, 3, 5 या 7 जैसे विषम अंकों से शुरू हो सकते हैं। वर्तमान व्यवस्था में PNR के शुरुआती अंक अलग-अलग आरक्षण डेटाबेस केंद्रों से जुड़े होते हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख केंद्रों के आधार पर PNR सीरीज तय की जाती रही है।
PNR में बदलाव का मुख्य उद्देश्य रेलवे की आरक्षण प्रणाली को आधुनिक बनाना बताया जा रहा है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) ने मौजूदा रिजर्वेशन सिस्टम को अपग्रेड किया है। नए सिस्टम के जरिए टिकट में बदलाव, सीट की स्थिति और आरक्षण से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी अपग्रेडेशन के तहत पुरानी PNR सीरीज को भी बदला जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, PNR माइग्रेशन के पायलट प्रोजेक्ट के लिए करीब 1230 ट्रेनों को शामिल किया गया है। रेलवे की योजना दिसंबर के तीसरे सप्ताह के आसपास नई PNR व्यवस्था को बड़े स्तर पर लागू करने की है। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख और पूरी प्रक्रिया को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
नई व्यवस्था का असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है, जिन्होंने पुराने सिस्टम के तहत टिकट बुक कराया है। खासकर यात्रा की तारीख बदलने की स्थिति में परेशानी सामने आ सकती है। यदि पुराने PNR को नए सिस्टम में माइग्रेट करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, तो यात्री को पुराना टिकट रद्द कराकर नए सिरे से टिकट बुक करना पड़ सकता है।
ऐसे में पुराने PNR वाले यात्रियों को टिकट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले रेलवे की नई व्यवस्था और लागू नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
