खाने की गुणवत्ता पर प्रशासन सख्त, फॉर्च्यून मैदा के बैच की बिक्री तत्काल बंद

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के साथ विभिन्न खाद्य सामग्रियों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराई जा रही है। जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
इसी अभियान के तहत गौरेला में लिए गए पनीर के नमूने की प्रयोगशाला जांच में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाई गई। खाद्य विश्लेषक ने जांच के आधार पर संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने फॉर्च्यून मैदा के बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। संबंधित खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय या वितरण न किया जाए और खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिले में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी और साबूदाना, जबकि 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
सभी नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के खाद्य कारोबारियों को निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमानक या असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने उपभोक्ताओं से खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि, लेबल और अन्य जरूरी विवरणों की जांच करने की अपील की है। संदिग्ध गुणवत्ता, खराब पैकेजिंग या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री खरीदने और उसका सेवन करने से बचने की सलाह दी गई है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की शिकायत या आशंका होने पर संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देने की अपील भी की गई है। जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और खाद्य नमूनों की जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
