बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई: UPI और ATM से खपाई जा रही थी ठगी की रकम, म्यूल अकाउंट का खुलासा

THAGI

बिलासपुर। ऑनलाइन साइबर ठगी से हासिल रकम के लेन-देन और उसे छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खाते का बिलासपुर पुलिस ने खुलासा किया है। एसीसीयू और मल्हार चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध खाताधारक को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि संबंधित बैंक खाते के माध्यम से बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय से लेयर-1 म्यूल बैंक खाते की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश मिले थे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एसीसीयू और मल्हार चौकी की संयुक्त टीम ने संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की।

जांच के दौरान भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल समन्वय के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक संदिग्ध खाते की जानकारी मिली। पोर्टल पर जांच करने पर इस खाते से संबंधित पांच साइबर शिकायतें दर्ज पाई गईं। इसके बाद पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और खाते में हुए लेन-देन की बारीकी से जांच की।

तकनीकी जांच और बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण में पता चला कि खाते में साइबर ठगी से जुड़ी रकम के अलावा अन्य संदिग्ध राशि भी जमा हो रही थी। इन पैसों को खाते में रखने के बजाय यूपीआई के जरिए दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था। वहीं, एटीएम के माध्यम से नकदी भी निकाली जा रही थी।

जांच में खाताधारक की पहचान बलवान धृतलहरे (31 वर्ष), निवासी स्कूल पारा, परसाडीह, वार्ड क्रमांक-4, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर करने और उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा था।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने बलवान धृतलहरे को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61, 317(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, उप निरीक्षक अवधेश सिंह, मल्हार चौकी प्रभारी तथा आरक्षक सतीश भारद्वाज और रमेश यादव की अहम भूमिका रही। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।

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