ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ पर बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड बाबू खेमानी की ₹1.42 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का आदेश

रायपुर पुलिस ने जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों को जब्त करने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया। आदेश के पालन के लिए पुलिस ने संबंधित राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों और बैंक प्रबंधन को पत्र भेजे हैं।
संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक खातों से रकम निकालने पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था। इसके बाद 16 अप्रैल को कथित मास्टरमाइंड गुलशन खेमानी को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक कुल 29 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस इससे पहले करीब 1.20 करोड़ रुपये कीमत के सामान और वाहनों को जब्त कर चुकी है। अब जांच में सामने आई कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सट्टा नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना और अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि गुलशन खेमानी अपने सहयोगियों की मदद से कॉल सेंटर, अलग-अलग मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के जरिए सट्टे का नेटवर्क संचालित करता था। आरोप है कि सट्टे से प्राप्त रकम पहले दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी और फिर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले लोगों को कमीशन दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
इस मामले में रायपुर के गंज थाने में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि खेमानी ‘3 STUMPS’ वेबसाइट के माध्यम से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलवा रहा था। इसके अलावा, वह पिछले करीब ढाई साल से रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे ऑनलाइन पैनल भी संचालित कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क अलग-अलग शहरों में मौजूद ऑपरेटरों के माध्यम से काम करता था। ये ऑपरेटर यूजर्स को जोड़ने, दांव लगवाने और पैसों के लेन-देन का प्रबंधन करने में भूमिका निभाते थे।
जांच में कथित तौर पर म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। ऐसे खातों के जरिए दूसरे व्यक्तियों के नाम पर रकम प्राप्त कर उसे आगे ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग बैंक खातों के इस्तेमाल से पैसों के वास्तविक स्रोत और गंतव्य का पता लगाना जटिल हो सकता है। इसी वित्तीय नेटवर्क की जांच के आधार पर कथित सट्टे की कमाई से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई थी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रायपुर पुलिस करीब तीन साल पहले भी बाबू खेमानी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर चुकी है। उस समय उस पर जुर्माना भी लगाया गया था।
फिलहाल, 16 अप्रैल 2026 को गिरफ्तारी के बाद से गुलशन खेमानी जेल में है। न्यायालय के ताजा आदेश के बाद उसकी कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
