महिला की मौत के बाद बवाल, गांव में तनाव बरकरार; पुलिस छावनी में तब्दील कुबेरपुर

हिंसा पर काबू पाने के बाद पुलिस ने इलाके में दबिश देकर चार से पांच संदिग्ध ग्रामीणों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस अब घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी है।
ग्रामीणों की नाराजगी की वजह केवल हादसा नहीं, बल्कि बस्ती के बीच संचालित क्रशर प्लांट से जुड़ी पुरानी समस्याएं भी बताई जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्रशर से उड़ने वाली धूल और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से उन्हें लंबे समय से परेशानी हो रही थी।
शनिवार को चंद्रावती जायसवाल पूजा का सामान लेकर मोपेड से घर लौट रही थीं। इसी दौरान गिट्टी से लदे एक ट्रैक्टर ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। इसके अलावा, क्रशर प्रबंधन ने कथित तौर पर दुर्घटना में शामिल वास्तविक ट्रैक्टर को छिपाकर उसकी जगह दूसरा ट्रैक्टर खड़ा करने की कोशिश की।
ग्रामीणों के मुताबिक, हादसे के बाद हुई इस कथित हेराफेरी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने क्रशर प्लांट में आगजनी और तोड़फोड़ की।
थाना प्रभारी लक्ष्मी गुप्ता के मुताबिक, घटना से संबंधित तस्वीरों और वीडियो फुटेज की मदद से हिंसा भड़काने वालों की पहचान की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की शिनाख्त कर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, पुलिस की धरपकड़ के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आगजनी और मारपीट में शामिल वास्तविक आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में किसी निर्दोष ग्रामीण को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एकतरफा कार्रवाई की गई या बेकसूर लोगों को प्रताड़ित किया गया, तो वे थाने का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे।
फिलहाल कुबेरपुर में स्थिति शांत बताई जा रही है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है।
