रेलवे ट्रैक पर ईयरफोन लगाकर मोबाइल चला रहा था 13 साल का अमन, ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंडरीपानी में रातभर मानस गान का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान अमन अपने चार नाबालिग दोस्तों के साथ गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि गांव में मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने के कारण सभी बेहतर नेटवर्क की तलाश में वहां बैठकर मोबाइल चलाने लगे। अमन ने कान में ईयरफोन लगा रखा था और मोबाइल देखने में व्यस्त था।
इसी बीच रविवार सुबह करीब 5 बजे अंतागढ़ से भानुप्रतापपुर होते हुए रायपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन वहां पहुंच गई। लोको पायलट ने ट्रेन का हॉर्न बजाकर ट्रैक पर मौजूद बच्चों को सतर्क करने की कोशिश की। हॉर्न सुनते ही बाकी बच्चे आनन-फानन में पटरी से हटकर भाग गए, लेकिन अमन संभवतः ईयरफोन लगाए होने के कारण हॉर्न नहीं सुन पाया और ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अमन के बड़े पिताजी संतोष कुलदीप ने बताया कि गांव में मानस गान का आयोजन चल रहा था। उन्होंने रात करीब 3 बजे अमन को उसके दोस्तों के साथ पंडाल में देखा था। इसके बाद वह भंडारे में भोजन की व्यवस्था देखने चले गए। सुबह हादसे की जानकारी मिलने पर जब वह घटनास्थल पहुंचे, तो गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर अमन का शव पड़ा था।
परिजनों के मुताबिक, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। घटना के समय अमन के साथ मौजूद दोस्तों के सामने नहीं आने से भी कई सवाल बने हुए हैं।
यह दर्दनाक घटना मोबाइल इस्तेमाल के दौरान रेलवे ट्रैक पर बरती जाने वाली लापरवाही के गंभीर खतरे को उजागर करती है। रेलवे ट्रैक पर बैठकर मोबाइल चलाना या ईयरफोन लगाकर आसपास की आवाजों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
