माइक्रोसॉफ्ट में बड़ी छंटनी की तैयारी, 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर

कंपनी का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब माइक्रोसॉफ्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी में फिलहाल दुनियाभर में करीब 2.23 लाख कर्मचारी काम करते हैं। इनमें लगभग 23 हजार कर्मचारी भारत में हैं। हालांकि, भारत में कितने कर्मचारियों को इस योजना के तहत नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव मिलेगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
माइक्रोसॉफ्ट की यह स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना कई विभागों के कर्मचारियों के लिए शुरू की गई है। इनमें AI एक्सपीरियंस, कोपायलट, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, Xbox और Windows + Devices जैसे विभाग शामिल हैं। वहीं, डेटा सेंटर, सेल्स और मार्केटिंग में काम करने वाले कर्मचारियों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
कंपनी की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि यह सीमित समय के लिए शुरू की गई पहल है। इसका उद्देश्य उन कर्मचारियों को अतिरिक्त विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर करियर के नए अवसर तलाशना चाहते हैं।
इस ऑफर को स्वीकार करने वाले कर्मचारियों को कंपनी की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। कोलमैन के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का यह नया प्रयोग है और कंपनी इससे मिलने वाले अनुभवों के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगी। कंपनी कर्मचारियों को नए कौशल सीखने और आंतरिक स्तर पर करियर के दूसरे अवसर तलाशने में भी मदद करती रहेगी।
माइक्रोसॉफ्ट ने इसी साल जुलाई में करीब 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। कंपनी ने उस समय बिजनेस में दक्षता बढ़ाने और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को इसकी प्रमुख वजह बताया था।
इससे पहले कंपनी ने अमेरिका में अपने कर्मचारियों के करीब 7 प्रतिशत हिस्से यानी लगभग 9 हजार कर्मचारियों को वॉलंटरी बायआउट का विकल्प भी दिया था।
रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, जून के अंत तक माइक्रोसॉफ्ट में दुनियाभर में 2,23,000 कर्मचारी कार्यरत थे। वहीं, 2025 के अंत में यह संख्या करीब 2,28,000 थी। कंपनी ने वर्ष 2026 के लिए लगभग 175 अरब डॉलर खर्च करने का अनुमान जताया है।
माइक्रोसॉफ्ट अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को मजबूत करने के लिए डेटा सेंटरों के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। AI सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी कंप्यूटिंग क्षमता और तकनीकी संसाधनों में भारी निवेश कर रही है।
इस निवेश का असर मेमोरी चिप्स, कंप्यूटर प्रोसेसर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बिजली की मांग पर भी पड़ रहा है। कंपनी पिछले कई वर्षों से AI तकनीक को अपने उत्पादों और सेवाओं का अहम हिस्सा बनाने में जुटी है। वर्ष 2024 में माइक्रोसॉफ्ट ने AI तकनीक से लैस पर्सनल कंप्यूटरों की नई श्रेणी भी पेश की थी।
