शराब घोटाले की जांच में EOW की बड़ी कार्रवाई, बिलासपुर से दुर्ग तक कारोबारियों के ठिकानों पर छापे

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुक्रवार सुबह से आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीमों ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी के अधिकारी प्रदेश के करीब आधा दर्जन शहरों में कोयला और शराब कारोबार से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। राजनांदगांव में पूर्व आबकारी मंत्री के करीबियों से जुड़े कारोबारियों के परिसरों के अलावा बिलासपुर, कोरबा, कटघोरा और दुर्ग में भी दबिश दी गई है।
बिलासपुर के उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में EOW-ACB की टीम ने एक कोयला कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अधिकारी परिसर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि टीम का विशेष फोकस कारोबारी के वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े दस्तावेजों पर है।
EOW की एक अन्य टीम ने सनसिटी के बी-ब्लॉक स्थित मकान नंबर 43-44 में दबिश दी। यह मकान कारोबारी वैभव गोलछा का बताया जा रहा है। गोलछा का सड़क निर्माण और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़ी फर्म KLA से संबंध बताया जाता है। शहर के कई बड़े कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों से भी उनकी नजदीकियां होने की चर्चा है।
राजनांदगांव के लालबाग इलाके में कारोबारी जय बग्गा के निवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर भी EOW की टीम ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि वैभव गोलछा और जय बग्गा के बीच कारोबारी साझेदारी है। दोनों के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबियों से संबंध होने की बात भी सामने आई है।
जांच एजेंसी की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। अधिकारियों की टीम कारोबारियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों की पड़ताल कर रही है। जांच का मकसद कथित घोटाले से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और लेन-देन की कड़ियों का पता लगाना है।
फिलहाल छापेमारी के दौरान परिसरों में बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई है। कार्रवाई पूरी होने के बाद जांच एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
