चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध तेज, स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर लगाई रोक की गुहार

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रायपुर : नवा रायपुर के तूता में प्रस्तावित चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। परियोजना के लिए जंगल में पेड़ों की कटाई के विरोध में माना-तूता जंगल संघर्ष समिति ने आंदोलन को व्यापक जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। समिति ने भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर जंगल में पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

समिति और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर दशकों पुराने पेड़ों को काटना उचित नहीं है। उनका सुझाव है कि फिल्म सिटी के लिए किसी दूसरी उपयुक्त जमीन का चयन किया जाए, ताकि विकास परियोजना भी आगे बढ़ सके और जंगल को भी बचाया जा सके।

नवा रायपुर सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष सुजीत कुमार घिदौड़े ने कहा कि जंगल के पेड़ों की कटाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध सरकार की विकास योजनाओं या फिल्म सिटी से नहीं, बल्कि परियोजना के लिए चुनी गई जगह से है। समिति का कहना है कि यदि अन्य स्थानों पर जमीन उपलब्ध है तो सरकार को वैकल्पिक स्थान पर विचार करना चाहिए।

फिल्म सिटी निर्माण के साथ पौधरोपण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। माना-तूता जंगल संघर्ष समिति के सदस्य कृणाल सिन्हा ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक की ओर से 1,100 पौधे लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौके पर गिनती करने पर केवल 530 पौधे ही मिले। उनका यह भी दावा है कि इनमें से कई पौधे सूख चुके थे।

सिन्हा के मुताबिक, ये पौधे पर्यटन मंडल की बाउंड्री और प्रस्तावित फिल्म सिटी की बाउंड्री के बीच लगाए गए थे। हालांकि, पौधों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि माना-तूता में प्रस्तावित चित्रोत्पला फिल्म सिटी परिसर में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने करीब 1,000 पौधे लगाए थे।

उस समय पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित करने की बात कही थी। साथ ही परिसर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने का भरोसा भी दिलाया गया था।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण करीब 100 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। इसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की आशंका है। ग्रामीणों का दावा है कि जंगल में काटे जा रहे कई पेड़ 30 से 40 साल पुराने हैं।

ग्रामीणों का तर्क है कि एक पुराने पेड़ को विकसित होने में कई दशक लगते हैं। ऐसे में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई केवल नए पौधे लगाकर जल्द नहीं की जा सकती।

माना-तूता जंगल संघर्ष समिति अब इस मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाने में लगी है। समिति ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक फिल्म सिटी के लिए वैकल्पिक जमीन पर विचार नहीं किया जाता, तब तक जंगल में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई जाए।