दुर्ग में AI से बनी खूबसूरत लड़कियों की फोटो दिखाकर ठगी, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़; संचालक गिरफ्तार

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दुर्ग : शादी का सपना दिखाकर युवकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक फर्जी मैरिज ब्यूरो का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से खूबसूरत युवतियों की काल्पनिक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालता था। शादी के इच्छुक युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनसे रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्क के नाम पर पैसे वसूले जाते थे। सुपेला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस फर्जी कॉल सेंटर के संचालक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी परमानंद यादव ‘फ्यूचर पार्टनर’, ‘कल्याण मैट्रिमोनी’ और ‘एलिट मैच मैट्रिमोनी’ के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पेज संचालित कर रहा था। इन पेजों पर AI से तैयार की गई लड़कियों की आकर्षक तस्वीरें और फर्जी मोबाइल नंबर डालकर शादी के विज्ञापन किए जाते थे। दूसरे राज्यों के शादी के इच्छुक युवक इन विज्ञापनों को देखकर संपर्क करते थे। इसके बाद उनसे बायोडाटा मंगवाया जाता था।

आरोपी युवकों को उनकी पसंद की लड़की से शादी कराने का भरोसा दिलाता था। इसके लिए मैरिज काउंसलिंग और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 2,000 रुपये और अन्य रकम जमा कराई जाती थी। भुगतान के लिए मैरिज काउंसलर के नाम से संचालित बैंक खातों के QR कोड भेजे जाते थे। रकम खाते में आते ही संबंधित युवक का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता था और उससे संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया जाता था।

पुलिस की दबिश के दौरान कॉल सेंटर में संचालक के साथ चार युवतियां भी मिलीं। पूछताछ में युवतियों ने बताया कि उन्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 7,000 रुपये मासिक वेतन पर रखा गया था। उन्हें महज दो दिन की ट्रेनिंग देकर मैरिज काउंसलर का काम सौंपा गया था। उनका काम ग्राहकों से फोन पर बातचीत करना और QR कोड के माध्यम से भुगतान मंगवाना था।

29 अक्टूबर 2026 को सुपेला पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर गंगोत्री भवन, यूनियन बैंक के पास स्थित एक हॉल में ‘एलिट मैच मैट्रिमोनी’ के नाम से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। यहां फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के जरिए लोगों से ठगी की जा रही थी। सूचना पर पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी।

तलाशी के दौरान पुलिस को कंप्यूटर सेट, वाई-फाई, 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, एक आईफोन, 16 सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों की चेकबुक और पासबुक, QR कोड, विज्ञापन के फ्लेक्स और ग्राहकों के मोबाइल नंबरों से भरा रजिस्टर मिला।

जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब तीन महीने से इस फर्जी मैरिज ब्यूरो का संचालन कर रहा था। वह प्रतिदिन 20 से 50 लोगों को फोन करवाता था। पुलिस जांच में आरोपी के बैंक खातों के खिलाफ समन्वय पोर्टल पर पहले से ही शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी मिली।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, फेडरल बैंक, SBI और IDBI की चेकबुक व पासबुक, 1 लाख 64 हजार रुपये नकद, 22 कीपैड मोबाइल, 4 स्मार्टफोन, कंप्यूटर सेट और वाई-फाई सहित अन्य सामान जब्त किया है।

मामले में थाना सुपेला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 319(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी परमानंद यादव (24 वर्ष), निवासी ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा, जिला दुर्ग और वर्तमान निवासी नेहरू नगर ईस्ट को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

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