कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को हाईकोर्ट से जमानत, अरुणपति त्रिपाठी को भी राहत

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बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने एसीबी की ओर से दर्ज शराब घोटाला मामले में उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जस्टिस बीडी गुरु की अदालत ने यह फैसला सुनाया। हालांकि, इस आदेश के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल की जेल से तत्काल रिहाई नहीं हो सकेगी।

दरअसल, रामगोपाल अग्रवाल को अभी ईडी के कोल घोटाले और ईडी के शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी जमानत मिलना बाकी है। इसके अलावा एसीबी के चावल घोटाला मामले में उनकी जमानत याचिका भी लंबित है। इन मामलों में राहत मिलने तक उन्हें जेल में ही रहना होगा।

जानकारी के मुताबिक, ईडी के कोल घोटाले, ईडी के शराब घोटाले और एसीबी के चावल घोटाले से संबंधित जमानत याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने ईडी और एसीबी को नोटिस जारी किया है। इन मामलों में दोनों जांच एजेंसियों को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस राकेश मोहन पांडे की अदालत में लगी इन याचिकाओं पर अब दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

इसी बीच आबकारी विभाग के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को भी मैनपावर घोटाला मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इस राहत के बाद वह करीब 95 दिनों के बाद जेल से बाहर आ सकेंगे। मामले में उनकी ओर से अधिवक्ता शशांक मिश्रा ने पैरवी की।

जांच एजेंसियों के अनुसार, शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाला ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों का भुगतान उन तक नहीं पहुंचाया गया। आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसियों ने फर्जी दस्तावेज और बिल तैयार कर इन मदों के नाम पर सरकार से करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त किया।

जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि एजेंसियों को कर्मचारियों के वास्तविक भुगतान से अधिक राशि जारी की गई थी। इसी कथित अनियमितता को मैनपावर घोटाले के रूप में जांच के दायरे में लिया गया है।

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