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देश के बाजारों में अभी भी मनमुताबिक ब्रैंड की वस्तुओं की कमी

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05-April_25

नई दिल्ली। कोरोना महामारी पर लगाम लगाने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में दूध, सब्जी और राशन की कई दुकानें धीरे-धीरे खाली होने लगी थीं। हालांकि अब फिर से फल, सब्जियां, दूध, अनाज, दालें आदि की सप्लाई होने लगी है, लेकिन अभी भी ग्राहकों को मनमुताबिक ब्रैंड की वस्तुएं नहीं मिल रही हैं। अधिकांश स्थानों पर खुला आटा, चीनी, चावल ही मौजूद है। शाहदरा निवासी देविका शर्मा ने कहा,पहले लगभग हर गली में सब्जी बेचने के लिए फुटकर सब्जी विक्रेता रेहड़ी लेकर आते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद से यहां सब्जी बेचने वाला कोई नहीं आया। हालांकि, इस दौरान दूध की सप्लाई नियमित बनी रही। दूध का कारोबार करने वाले सुभाष चंद्र ने कहा, लॉकडाउन के बाद शुरुआती दिनों में कई दूध सप्लायर यहां नहीं पहुंच सके। इसके कारण सप्लाई में बाधा पड़ी है। हालांकि, अब दूध की सप्लाई सामान्य है। शुरुआती दिनों में लोगों को दूध की सप्लाई ठप होने का आशंका थी और उन्होंने आवश्यकता से अधिक दूध खरीदा, जिसके कारण भी दूध की आपूर्ति में दिक्कतें हुईं, लेकिन अब हालात लगभग सामान्य है।’
नवरात्र के लिए भी अधिकांश वस्तुएं परचून की दुकानों पर उपलब्ध नहीं थीं। मसलन इलाके में खुली इक्का-दुक्का परचून की दुकानों पर नवरात्र की पूजा में इस्तेमाल होने वाला नारियल मुहैया नहीं हो सका। इसी तरह कुट्टू का आटा भी किल्लत वाली वस्तुओं में शामिल रहा। कई दुकानों पर ब्रैंडेड पैक्ड चीनी, आटा, चावल और रिफाइंड तेल भी उपलब्ध नहीं है। दुकानदार कृष्णा ने कहा,दरअसल ब्रैंडेड सामान की सप्लाई पीछे से ही काफी हल्की हो गई है। इसके अलावा, माल ढुलाई के लिए वाहन भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं। होलसेल की जिन दुकानों से हम सामान लाते थे, वे दुकानें भी किसी दिन खुलती हैं और किसी दिन बंद रहती हैं। कृष्णा ने कहा, ‘इसके बावजूद हम लोग स्थानीय निवासियों को हर वह सामान दे रहे हैं, जो हमारी दुकान में मौजूद है।इस दौरान किसी भी आवश्यक वस्तु के दाम में भी बढ़ोतरी नहीं की गई है।’ज्यादातर स्थानों पर खुला आटा, खुली चीनी, चावल, सूजी, मैदा आदि उपलब्ध हैं, लेकिन इन सब उपभोक्ता वस्तुओं की ब्रैंडेड किस्में कम ही स्थानों पर मिल पा रही हैं।

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