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भूपेश बघेल के बयान पर बवाल, अरुण सिसोदिया ने भेजा मानहानि नोटिस, 15 दिनों में मांगा जवाब

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राजनांदगांव| देश भर में लोकसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर चल रही हैं. यहां दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया जारी है। इस बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को लेकर सियासत जारी है।

भूपेश बघेल को राजनांदगांव लोकसभा से प्रत्याशी के रूप में उतारा गया है। तो वही दूसरी ओर भूपेश बघेल के खिलाफ उनकी ही पार्टी के नेता ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व प्रदेश महासचिव संगठन, प्रशाशन पीसीसी व AICC सदस्य अरुण सिसोदिया ने भूपेश बघेल को मानहानि का नोटिस भेजा है। इसके साथ ही 15 दिन में जवाब मांगा है।

अरुण सिसोदिया ने शिकायत पत्र में लिखा है कि भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल की उपाधि दी है। यह पूरी तरह से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। भूपेश बघेल के द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल कहा गया जो कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

दरअसल दुर्ग में हुए एक कार्यक्रम में भूपेश बघेल ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए कहा कि, अगर ये पार्टी के सच्चे कार्यकर्ता होते तो पार्टी के हित की बात करते। ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को बीजेपी के स्लीपर सेल की तरह काम करने वाला बता दिया। भूपेश बघेल द्वारा स्लीपर सेल कहे जाने पर कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है। इसके साथ ही अरुण सिनसोदिया ने भूपेश बघेल को नोटिस भेज कर 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।