Loksabha Election 2024: चुनाव में हार-जीत पर सट्टे का बाजार गर्म, जानिए भाजपा-कांग्रेस का क्या चल रहा भाव, किसे मिल रही कितनी सीटें…

रायपुर। लोकसभा चुनाव-2024 में कौन जीत रहा, कौन हार रहा ? सरकार किसकी बन रही है ? इसे लेकर सियासी गलियारों से लेकर चौक-चौराहों, हाट-बाजारों, गांव-शहर, पारा-मोहल्लों तक चर्चा हो रही। किस पार्टी को कितनी सीटें मिल रही है ? कौन प्रधानमंत्री बन रहा ? इंडिया गठबंधन किस मुहाने पर खड़ा है ? इसी पर रोज न्यूज चैलनों में बहस, अखबारों में हेडलाइन….क्या दिन, क्या रात और क्या प्राइम टाइम ? चरण दर चरण चुनाव अनुमान और पूर्वानुमान का दौर जारी है. वहीं लोकसभा चुनाव में हार-जीत पर सट्टों का बाजार भी गर्म है।
दरअसल जिस तरह से तमाम न्यूज चैनल, एजेंसियां, समाचार-पत्र, पत्रकार मतदान के साथ अपना एग्जिट पोल देते हैं, उसी तरह से चरण दर चरण सट्टा बाजार का अनुमान सामने आने लगता है। सूत्रों के मुताबिक सट्टा बाजार की ओर से लोकसभा चुनाव-2024 में किसकी सरकार बन रही है ? इसे लेकर भाव खोल दिया गया है।
भाव और दांव के इस खेल में अंक गणित की परिभाषा को इस तरह समझिए
देश में अभी पांच चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है। पांच चरणों में 429 सीटों के लिए मतदान हो चुके हैं. 114 सीटों के लिए छठवें और सातवें चरण का चुनाव बाकी है। शेष सीटों के लिए 25 और 1 जून को मतदान है। अंतिम चरण के मतदान के ठीक 3 दिन बाद 4 जून को रिजल्ट आएगा। परिणाम भले ही 4 जून को आना है, लेकिन परिणाम से पहले सट्टा बाजार से नतीजे आने शुरु हो गए हैं। सट्टा बाजार की ओर से सीटों के हिसाब से भाव दिए गए हैं। जैसे भाजपा को सट्टा बाजार ने अधिकतम 306 से 308 तक की सीटें दिया है, इसके लिए 100 पैसे का भाव दिया है, जबकि न्यूनतम 275 सीटों के लिए 22 पैसे का भाव रखा है। वहीं कांग्रेस को अधिकतम 59 से 61 सीटें दिया है, इसके लिए भी 100 पैसे का भाव है, जबकि न्यूनतम 50 सीटों के लिए 45 पैसे का भाव रखा है।
राज्यवार आंकड़े
भाजपा
उत्तरप्रदेश की 80 में 64 से 66 सीटें
मध्यप्रदेश की 29 में 28 से 29 सीटें
गुजरात की 26 की 26 सीटें
राजस्थान की 25 में 19-20 सीटें
झारखंड की 13 में 10 से 11 सीटें
छत्तीसगढ़ की 11 में 10 सीटें
महाराष्ट्र की 48 में 18 से 20, सहयोगी दलों को मिलाकर 26 से 28 सीटें
कर्नाकट की 28 में सहयोगी दलों को मिलाकर 18 से 20 सीटें
बंगाल की 42 में 20 से 22 सीटें
बिहार की 40 में 13 से 15, सहयोगी दलों को मिलाकर 27 से 29 सीटें
असम की 17 में सहयोगी दलों को मिलकर 11 से 12 सीटें
आंध्रप्रदेश की 25 में सहयोगी दलों को मिलाकर 16 से 18 सीटें
गोवा की 2 में 1 सीट
ओड़िशा की 21 में 13 से 14 सीटें
तमिलनाडु की 39 में 3 सीटें
हिमाचलप्रदेश की 4 में 4 सीटें
हरियाणा की 10 में 5 से 6 सीटें
दिल्ली की 7 में 6 से 7 सीटें
उत्तराखंड की 5 में 5 सीटें
तेलंगाना की 17 में 7 सीटें
पंजाब की 13 में 2 सीटें


कांग्रेस को लेकर सट्टा बाजार का रुख साफ नहीं
सट्टा बाजार ने भाजपा की स्थिति कई राज्यों में स्पष्ट नहीं किया है। वहीं कांग्रेस को लेकर भी सट्टा बाजार का रुख राज्यवार साफ नहीं है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को 1-1 सीट बताया जा रहा। हालांकि इंडिया गठबंधन को दक्षिण के राज्य तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, पुंडीचेरी में अच्छी सीटें मिल रही है, जबकि उत्तर और पूर्वोत्तर के राज्यों में गठबंधन की मेहनत बेकार जाती दिख रही है। वहीं दक्षिण-मध्य-पूर्व और पश्चिम से भी इंडिया गठबंधन को लेकर सट्टा बाजार का रुख स्पष्ट तो नहीं, लेकिन भाजपा के आंकड़ों को देखकर लग रहा है कि यहां भी गठबंधन के हाथ खाली रहेंगे।