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कांग्रेस भवन में लगा ताला : दावेदारों की अधिकृत जानकारी नहीं, निगम चुनाव का समय करीब, दो हार के सदमें से उबर नहीं पाए कांग्रेसी

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दुर्ग (चिन्तक)। नगर निगम चुनाव की घोषणा होने वाली है। भाजपा पूरे दमखम के साथ लड़ाई की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटी है। भाजपा कार्यालय में नेताओं व कार्यकर्ताओं का हूजूम बराबर देखा जा रहा है। सुबह से लेकर रात्रि तक चहल पहल का आलम है। वहीं कांगे्रस भवन में ताला लगा हुआ है। धुल-धक्कड़ से सराबोर राजीव भवन की हालत दयनीय हो गई है।
यहां गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस भवन एक छोटे से कमरे में संचालित होता था। कार्यकर्ताओं को बैठक आदि में भाग लेने भारी दिक्कत होती थी। राज्य में कांग्रेस की सरकार के सत्तासीन होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में कांग्रेस भवन का नये सिरे से निर्माण किया गया और बेहतर स्वरूप देकर इसे राजीव भवन का नाम दिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री पूर्व गृहमंत्री व वेयर हाउस कार्पोरेशन के पूर्व चेयरमैन के गृह जिले में बना नया कांग्रेस भवन रख-रखाव के अभाव में धूल-धक्कड़ खाने के लिए मजबूर है। जब कोई बैठक का आयोजन होता है तभी भवन को खोलकर साफ-सफाई की जाती है। वर्तमान में नगर निगम के चुनाव की घोषणा एक दो दिन में होने वाली है। चुनाव की तैयारी को लेकर काफी समय पहले से कांग्रेस भवन को नियमित रूप खुला रखना था लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि कांग्रेस भवन में ताला लगा हुआ है और कांग्रेस भवन बंद है।

यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कांग्रेस पिछले विधान सभा और लोकसभा के चुनाव में बुरी तरह पराजित हो चुकी है। इस हार के सदमे से कांग्रेसी उबर नहीं पाए है। और फिर से खड़़े होकर लड़ाई लडऩे का साहस भी नहीं जुटा पा रहे है। शहर जिला कांग्रेस संगठन का हाल बेहाल है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष गया पटेल इस्तीफा दे चुके है। कांग्रेस की कमान पूर्व विधायक अरूण वोरा के हाथ में है। श्री वोरा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और जोश पैदा करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर पा रहे है। पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई है। निष्ठावान व जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है।
शहर जिला कांग्रेस उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम व मध्य को मिलाकर पांच ब्लाक में विभाजित है जो शहर के साठ वार्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे है। इन ब्लाकों में विभिन्न वार्डो से पार्षद पद का चुनाव लडऩे के लिए कितने आवेदन आए है इसकी अधिकृत जानकारी देने वाला कोई नहीं है।

कोई पूर्व विधायक अरूण वोरा को उनके निवास में जाकर आवेदन दे रहा है कोई इस्तीफा दे चुके गया पटेल के पास जमा कर रहा है कोई ब्लाक अध्यक्ष को दे रहा है। लेकिन महापौर व वार्डवार पार्षदों के लिए कितने आवेदन आए है इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस भवन में भी नियमित रूप से किसी जिम्मेदार व्यक्ति को बिठाने की व्यवस्था नहीं की गई है। कांग्रेस का प्रदेश हाईकमान भी दुर्ग शहर में लगातार हो रही कांग्रेस की दुर्दशा को लेकर गंभीर नहीं है। इस स्थिति में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस हार की हैट्रिक बनाने के लिए पहले से तैयार नजर आ रही है।