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SDM ने SECL सीएमडी को किया तलब: 3 दिन में हाजिर नहीं हुए, तो होगी एकतरफा कार्रवाई

hasdev

बिलासपुर। पर्यावरण संरक्षण के साथ ही हरियाली बिछाने का दावा करने वाले SECL याने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड प्रबंधन ने नेहरु शताब्दि नगर में पहले के अफसरों द्वारा बिछाई गई हरियाली पर कुल्हाड़ी चला दी है।

SECL प्रबंधन पर 500 हरे-भरे गुलमोहर क़े पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर आरोप लगाया गया है। हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलवाने वाले एसईसीएल के इस कृत्य पर बिलासपुर शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने गंभीर नाराजगी जताई है। पर्यावरण प्रेमी अनिल तिवारी व प्रथमेश मिश्रा ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि बिलासपुर के पर्यावरण को तबाह करने वाले बाहरी अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए|

एसईसीएल द्वारा पेड़ों पर बेदर्दी के साथ कटाई कराने की शिकायत को कलेक्टर अवनीश शरण ने गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर एसडीएम को जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच में शिकायतकर्ता के आरोप को सही पाया गया है। पटवारी ने जांच रिपोर्ट में 146 से अधिक पेड़ों की कटाई की पुष्टि की है। पटवारी रिपोर्ट के बाद कलेक्टर की नाराजगी सामने आई है। कलेक्टर के निर्देश पर बिलासपुर एसडीएम पीयूष तिवारी ने एसईसीएल के सीएमडी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। एसडीएम ने यह भी चेतावनी दी है कि तय समयावधि में नोटिस का जवाब ना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने के आरोप में एसडीएम ने सीधे एसईसीएल के सीएमडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके लिए तीन दिन का समय भी दिया है।

शिकायतकर्ता अमित मिश्रा ने कलेक्टर अवनीश शरण को शिकायत कर बताया कि बिलासपुर चांटीडीह क्षेत्र में स्थित एसईसीएल मुख्यालय के अंदर नेहरू शताब्दी नगर है। यहां पर गुलमोहर झाड लगाए गए थे। गुलमोहर के जंगल में 20 से 25 साल पुराने लगभग 500 पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। पटवारी हल्का नंबर 33 ने मामले की जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दिया था। पेश रिपोर्ट में खसरा नंबर 56, रकबा 4.2552 हेक्टेयर में लगे कुल 143 गुलमोहर के पेड़ बिना अनुमति काटने की पुष्टि की गई है। काटे गए पेड़ों में 27 बड़े पेड़ प्रत्येक 4 मीटर मोटे और 116 मध्यम व छोटे पेड़ शामिल हैं।

बिना अनुमति वृक्षों की कटाई छत्तीसगढ़ भू-संसाधन संहिता, 1959 की धारा 240 और वृक्ष कटाई नियम 2022 के नियम-5 का उल्लंघन है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एसईसीएल के सीएमडी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता अमित मिश्रा ने कलेक्टर अवनीश शरण को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने पर एसईसीएल के खिलाफ उग्र आंदोलन, घेराव और पुतला दहन के साथ ही आत्मदाह की चेतावनी दी थी। अवैध तरीके से हुई पेड कटाई पर गंभीरता से जांच होने पर शिकायत पर मुहर लग चुकी है।

एसईसीएल सीएमडी को जारी नोटिस में एसडीएम ने लिखा है कि उपरोक्त कृत्य वृक्ष कटाई की अनुमति हेतु छ.ग.भू.रा.सं., 1959 की धारा 240 के अधीन निर्मित वृक्ष कटाई के नियम, 2022 के नियम-5 का उल्लंघन है। अतः क्यों न संहिता की धारा 241 के नियम 04 के तहत् शास्ति अधिरोपित किया जाये। इस संबंध में अपना जवाब तीन दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। निर्धारित तिथि को प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं होने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।