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रायपुर को मेट्रो पॉलिटन सिटी की तर्ज पर विकसित करने की कवायद शुरू, 24 घंटे काम करने वाले आईटी हब बनाने का लक्ष्य

mor raipur

रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को मेट्रो पॉलिटन सिटी की तर्ज पर विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है । छत्तीसगढ़ राज्य के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नया दुकान एवं स्थापना अधिनियम बेहद प्रभावी सिद्ध होगा । ईज ऑफ डूईंग बिजनेस और रोजगार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। साथ ही साथ राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी । नया दुकान एवं स्थापना अधिनियम रायपुर को बेंगलुरु और पुणे जैसे 24 घंटे काम करने वाले आईटी हब बनने में मदद करेगा ।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नये दुकान एवं स्थापना अधिनियम लागू करने के निर्णय का व्यापार जगत एवं नागरिकों ने स्वागत किया है । इस फैसले से तेजी से रोजगार बढ़ेंगे क्योंकि दुकान बंद करने की कोई समय सीमा नहीं होगी। कैबिनेट मंत्री लखन देवांगन ने कहा है कि उक्त अधिनियम शराब दुकानों पर लागू नहीं होगा। सरकार का यह निर्णय ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए बेहद प्रभावी है । इससे रायपुर को बेंगलुरु और पुणे जैसे 24 घंटे काम करने वाले आई टी हब बनने में भी मदद मिलेगी ।

नए नियमों से छोटे दुकानदारों को राहत मिलेगी, पंजीयन प्रक्रिया सरल होगी और कर्मचारियों के अधिकारों का बेहतर संरक्षण किया जा सकेगा। पहले से पंजीकृत दुकानों को 6 महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यदि 6 महीने बाद आवेदन किया जाता है, तो नियमानुसार शुल्क देना अनिवार्य होगा।

सातों दिन 24 घंटे दुकान खोलने के निर्णय पर सरकार ने साफ किया है कि वह व्यापारी वर्ग के हितों की चिंता के साथ राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भी तत्पर है । सरकार के इस निर्णय के द्वारा दुकानदारों को सातों दिन 24 घंटे दुकान खोलने की सुविधा दी गयी है, हालांकि दुकानें सातों दिन 24 घंटे खोलना है या नहीं ये निर्णय दुकानदरों पर निर्भर करेगा। सरकार के इस निर्णय से रोजगार में भी वृद्धि होने की पूरी संभावना है ।

पुरानी व्यवस्था में दुकानों को सप्ताह में एक दिन बंद रखना अनिवार्य था। अब दुकानें 24 घंटे और पूरे सप्ताह खुली रह सकती हैं, बशर्ते कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। 8 घंटे से अधिक किसी कर्मचारी से कार्य नहीं कराना होगा। इसके साथ ही दुकानदारों को श्रम कल्याण से संबंधित सभी निर्णयों का पूर्ववत पालन करना अनिवार्य होगा ।