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रायपुर, मुंगेली, जशपुर समेत कई जिलों में जमकर गिरे ओले, 10 डिग्री गिरा तापमान, किसानों की फसलों को नुकसान

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. बारिश के साथ ओले गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. रायपुर, बलौदाबाजार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, जशपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है. तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण मुंगेली, बलौदाबाजार, जांजगीर जिले में बिजली सप्लाई ठप हो गई है. सोमवार को भी कई जिलों में ओले गिरे हैं. इसके चलते प्रदेश के तापमान में करीब 10 डिग्री गिरावट दर्ज की गई है. वहीं बेमौसम बारिश का असर किसानों की फसलों पर पड़ने लगा है.

मुंगेली जिले में भी अचानक मौसम का मिजाज बदला. तेज आंधी तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई. कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई है. इससे दलहन-तिलहन की फसलों को नुकसान हो सकता है. इधर भारी बारिश से बिजली व्यवस्था बाधित हो गई है. नगर सहित कई गांव में ब्लैक आउट है. बलौदाबाजार-भाटापारा में भी आंधी तूफान के साथ बारिश हो रही. इससे बिजली सप्लाई ठप हो गई है. जांजगीर में भी तेज हवा के साथ बारिश हो रही. इसके चलते जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण ग्रामीण इलाकों में बिजली बंद है.

अप्रैल माह में मौसम लगातार करवट ले रहा है, जिससे प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश हो रही है, जिससे तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव बना हुआ है. 44.4 डिग्री तक पहुंचे अधिकतम तापमान ने बीते कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में प्रभावी विभिन्न द्रोणिकाओं के असर से तापमान में करीब 10 डिग्री गिरावट भी दर्ज की गई है. वहीं प्रदेश में बेमौसम बारिश से किसानों की रबि फसल को भारी नुकसान हुआ है. कल पेंड्रा, कवर्धा, कोरबा में ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है.

ओलावृष्टि से धरसीवां सहित आसपास के पंडरभट्टा मुर्रा कूंरा आदि गांवों में किसानों की धान की खड़ी फसल को नुकसान हुआ है. पूर्व राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा ने राज्य सरकार से सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है. किसान नेता पारसनाथ साहू ने बताया कि बदलते जलवायु से फसलों का विकास ठीक से नहीं हो रहा है. तापमान में उतार-चढ़ाव इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है. वहीं कल हुई बारिश को लेकर उन्होंने बताया कि इस मौसम में बरसात से सब्ज़ियों पर बड़ा असर हुआ है. महासमुंद, धमतरी, रायपुर, मुंगेली और प्रदेश के कई इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ है. उन्होंने सरकार से किसानों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई है.

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक एंटी साइक्लोनिक एक्टिविटी के चलते छत्तीसगढ़ में बादल छाए हुए हैं. बंगाल की खाड़ी से नमी भी मौसम में बदलाव का कारण है, जिसका असर पांच दिनों तक रहेगा. प्रदेश में अभी हल्की से माध्यम वर्षा के साथ ओलावृष्टि होगी. इसके बाद एक बार फिर तापमान में वृद्धि होगी.

राजनांदगांव, जाँजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरिया, जशपुर, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. इन जिलों के कुछ स्थानों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज आंधी तूफान की चेतावनी दी गई है. वहीं कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर, सरगुजा, सूरजपुर, पेंड्रा, बलरामपुर और कोरबा के कुछ हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. सोमवार को बीजापुर में 70 मिमी, अंतागढ़, उसूर में 30 मिमी, बेलरगांव, पखांजूर, कांकेर, कुटरु में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है.