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रायपुर से उड़ी फ्लाइट में जब मच गई चीख-पुकार, 30 हजार फीट पर बंद हो गई लाइट और एसी…

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रायपुर। इंडिगो की रायपुर से बेंगलुरु के लिए उड़ी फ्लाइट में कुछ इस तरह से तकनीकी परेशानी आयी कि यात्रियों ने चीख- पुकार मचा दिया। हर किसी के जेहन में अहमदाबाद विमान हादसे की फिल्म घूम गई। विमान में गड़बड़ी कुछ इस तरह हुई कि आसमान में तो सांस अटकी रही, लैंडिंग के लिए पायलट को दो बार प्रयास करना पड़ा, यह देख कर भी यात्री तनाव में आ गए थे।

इस घटना की जानकारी थोड़ी देर से सामने आयी है। विमान में सवार एक प्रत्यक्षदर्शी ने पूरा घटनाक्रम सुनाया और बताया कि विमान में काफी तनाव का माहौल बन गया था। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। आखिरी में बेंगलुरु में जब विमान की सफल लैंडिंग हुई, तब जाकर लोगों ने तालियां बजा कर खुशी का इजहार किया। रायपुर से उड़ने वाले सुबह 9.55 बजे की चार जुलाई की फ्लाइट तय समय पर बेंगलुरु के लिए उड़ी। बताया जाता है कि यह विमान एकदम नया था और इसकी बॉडी पर इंडिगो का लोगो तक नहीं लगा था। इतना नया विमान देख कर उस पर सवार हो रहे यात्री भी थोड़ी देर के लिए चौंके। बोर्डिंग खत्म होने के बाद निर्धारित वक्त पर विमान ने सही सलामत उड़ान भरी।

30 हजार फीट की ऊंचाई पर रोना-धोना

विमान ने उड़ने के बाद 30 हजार फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर अपनी गति पकड़ ली थी। उसी वक्त एयर होस्टेज ने खान-पान की सुविधा देना शुरू कर दिया। कुछ ही यात्री को नाश्ता परोसा गया था कि पायलट ने सूचित किया कि आगे मौसम खराब हो रहा है, इसलिए खान- पान स्थगित की जाती है और सावधानी के लिए यात्री अपनी ही सीट पर बैठे रहें और सीट बेल्ट लगा लें। इस घोषणा के कुछ ही मिनट बाद बादलों के कारण विमान में जैसा स्वाभाविक रूप से होता है थोड़े हिचकोले खाते रहे। यहां तक तो ठीक था, मगर एकाएक पूरी फ्लाइट की लाइट ऑफ हो गई, एसी ने काम करना बंद कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्री तनाव में आ गए और सभी के जेहन में तुरंत अहमदाबाद विमान हादसा घूम गया। माना जाता है कि अहमदाबाद के विमान का पावर जीरो होने से हादसा हुआ था, हालांकि इसकी जांच चल रही है और पुष्टि नहीं हुई है। इतना होते ही ज्यादातर यात्री चीखने लगे, कुछ तो तनाव में आकर रोने लग गए। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था और न ही पायलट की ओर से कुछ कंफर्म किया जा रहा था। एयर होस्टेज भी सक्रिय हो गई थी, सबको शांत करने की कोशिश के साथ उस तकनीकी खामी को दूर करने कोशिश होने लगी। किसी तरह खामी दूर हुई, तब जाकर सबने चैन की सांस ली। यह हालत कुछ मिनट तक बना रहा।

विमान तय वक्त पर बेंगलुरु पहुंच गया था। वहां पर पायलट ने पहले ही बता दिया था कि मौसम खराब हो चुका है। इसके बाद पायलट ने लैंडिंग की घोषणा की और विमान रनवे की ओर उतरने लगा। यात्री समझ रहे थे कि अब सुरक्षित लैंडिंग हो जाएगी। पायलट ने नीचे उतारना भी शुरू कर दिया था। मौसम खराब होने के साथ ही हवाएं तेज चल रही थीं। रनवे की ओर उतर रहा विमान अचानक ही रनवे छूने के ठीक पहले ऊपर की ओर उठ गया और एयरपोर्ट के आसपान में चक्कर काटने लगा। इस वक्त भी सभी यात्री की सांस थम सी गई थी, किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था और सभी भगवान से प्रार्थना करने लगे। पायलट ने थोड़ी देर चक्कर काटने के बाद फिर से लैंडिंग का प्रयास किया और इसमें सफल हो गए। जैसे ही विमान रनवे पर दौड़ने लगा, सभी यात्री खुशी के मारे तालियां बजाने लगे। पायलट की कुशलता की सभी ने सराहना भी की।

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