चुस्की शब्द पर किसी का एकाधिकार नहीं, वाणिज्यिक न्यायालय रोहिणी कोर्ट नईदिल्ली का आदेश
दुर्ग। चुस्की चाय के एक मामले में चुस्की शब्द को अपनी पहचान बताने के दावे को न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्टीकरण कर दिया है। न्यायालय ने माना है कि चुस्की एक सामान्य शब्द है और इसका उपयोग गरम पेय पदार्थ के लिए किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार जेवरा सिरसा स्थित गोयल ट्रेडर्स के संचालक हेमंत कुमार गोयल चाय का व्यवसाय करते है। उन्होंने 2012 से गोयल चुस्की चाय के ट्रेडमार्क का उपयोग कर व्यवसाय शुरू किया था।
वही रायपुर स्थित जैन ट्रेडर्स के संचालक यशवंत जैन भी चाय के कारोबारी है। वे जैन चुस्की चाय के नाम से व्यवसाय करते है। यशवंत जैन ने जैन चुस्की चाय में चुस्की शब्द पर एकाधिकार बताते हुए दिल्ली की रोहणी कोर्ट में गोयल ट्रेडर्स के संचालक हेमंत कुमार गोयल के विरूद्ध केस दायर किया था ।
कोर्ट ने उक्त मामले में हेमन्त कुमार गोयल की सुनवाई बगैर यशवन्त जैन के पक्ष में एकपक्षीय स्टे आदेश पारित किया था । इस स्टे के विरोध में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हेमंत कुमार गोयल ने याचिका दाखिल की थी। छ: माह तक चली सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश (वाणिज्यिक न्यायालय) प्रीति अग्रवाल गुप्ता ने एच. एस. जी. याशिका गोयल के ट्रेडमार्क को सही माना है। और यह आदेशित किया है कि एच. एस. जी. याशिका गोयल अपने रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क के साथ चुस्की चाय के नाम से कारोबार कर सकते है!
रोहिणी वाणिज्यिक न्यायालय ट्रेडमार्क विभाग की इस राय से सहमत हुई कि शब्द सिप (चुस्की) का इस्तेमाल आमतौर पर व्यापारियों द्वारा गर्म पेय पदार्थो के संबंध में किया जाता है और कोई भी व्यक्ति चुस्की(सिप) शब्द पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकता है। और उसे एक व्यक्ति तक सीमित नहीं किया जा सकता है।