“राइजिंग छत्तीसगढ़” कॅन्क्लेव का हुआ भव्य आयोजन, सीएम साय ने अपनी सरकार के स्पष्ट एजेंडे को किया रेखांकित
रायपुर। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ने रायपुर में भव्य “राइजिंग छत्तीसगढ़” कॉन्क्लेव का आयोजन किया, जिसमें राज्य के प्रमुख राजनीतिक नेता, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और सामाजिक प्रभावशाली हस्तियां एक मंच पर एकत्र हुए। इस मंच के माध्यम से एक विकसित और सशक्त छत्तीसगढ़ के रोडमैप पर मंथन किया गया। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कीनोट सेशन रहा, जिसमें उन्होंने समावेशी विकास, सुशासन और महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णायक कार्रवाई के लिए अपनी सरकार के स्पष्ट एजेंडे को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संबोधन की प्रमुख बातें: “छत्तीसगढ़ की जनता ने बीजेपी पर विश्वास जताया और हमने पहले दिन से ही अपने वादे निभाने शुरू कर दिए।” “हमने किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया है और पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।” “सशासन को मजबूत करने के लिए चार घंटे लंबी कैबिनेट बैठक और मैनपाट में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।” “जनजातीय कल्याण के लिए ‘चरण पादुका योजना को फिर से शुरू किया गया है।”
कांग्रेस ने महिलाओं से रोजगार छीना था—हमारी सरकार उनकी गरिमा और आजीविका को बहाल कर रही है।” “तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब लंबे समय से प्रतीक्षित बोनस मिल रहा है।” “हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” कॉन्क्लेव की प्रमुख झलकियां: इस एक दिवसीय कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े विभिन्न विषयों पर आधारित कई विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए— “विकास की नई राह” – बुनियादी ढांचे और शासन पर केंद्रित नीति संवाद
नारी शक्ति-राइजिंग छत्तीसगढ़ की नई ऊर्जा” – महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशन पर पैनल चर्चा “हरित क्रांति से जल क्रांति तक” -डॉ. रामविचार नेताम और अन्य नीति विशेषज्ञों के साथ संवाद “राइजिंग छत्तीसगढ़: द विजन” -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ विशेष वन-ऑन-वन सत्र प्रत्येक सत्र का संचालन एक बड़ा मीडिया घराने के प्रमुख एंकरों ने किया और वर्तमान सरकार के अधीन राज्य के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक बदलावों पर गहन दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
“राइजिंग छत्तीसगढ़” एक ऐसा मंच बना, जहां शासन, सशक्तिकरण और नवाचार पर सार्थक संवाद हुआ। विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख हितधारकों की भागीदारी से यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ की संभावनाओं और प्रगति को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहा। इस आयोजन के माध्यम से मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ने नीतिगत विमर्श और परिवर्तन की प्रेरणा देने वाली चर्चाओं को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध किया।