मोक्षित कॉर्पोरेशन पर ईडी की छापेमारी: 650 करोड़ के मेडिकल घोटाले की जांच तेज
दुर्ग। जिले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बहुचर्चित छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) घोटाले की जांच के तहत मोक्षित कॉर्पोरेशन के कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई 650 करोड़ रुपये से अधिक के मेडिकल घोटाले से जुड़ी है, जो पिछले कई महीनों से जांच एजेंसियों के रडार पर है.
एक साथ तीन ठिकानों पर छापे, दस्तावेज खंगाले गए
ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के दुर्ग स्थित तीन आवासीय परिसरों और कार्यालयों पर एक साथ दबिश दी. इस ऑपरेशन में करीब दो दर्जन अधिकारी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शामिल थे. सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके को सील कर दिया गया था और किसी को भी अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी.
दस्तावेजों की जांच में जुटी टीमें
ईडी की टीमें एक दर्जन गाडिय़ों के काफिले में पहुंचीं और तुरंत दस्तावेजों की जांच में जुट गईं. इलाके में जैसे ही यह खबर फैली, स्थानीय लोगों की भीड़ लगने लगी. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है. माना जा रहा है कि कार्रवाई खत्म होने के बाद ईडी की तरफ से आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि मोक्षित कॉर्पोरेशन का नाम इस घोटाले में पहले भी सामने आ चुका है. छह महीने पहले ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम ने शांतिलाल और शशांक चोपड़ा के गंजपारा स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था. उस वक्त भी बड़ी मात्रा में दस्तावेज खंगाले गए थे.
घोटाले की परतें अब धीरे-धीरे खुल रहीं
ईडी की यह ताज़ा कार्रवाई यह संकेत देती है कि सीजीएमएससी घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है. राज्य में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी इस बड़ी अनियमितता ने न सिर्फ सरकारी प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इसमें शामिल निजी कंपनियों की भूमिका भी संदिग्ध बना दी है. मोक्षित कॉर्पोरेशन पर आई कार्रवाई से आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.