15 दिनों में चार शिक्षादूतों की निर्मम हत्या: बस्तर में बढ़ता नक्सलियों का आतंक; IG ने दी ये कड़ी चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लगातार माओवादी गतिविधियां बढ़ते ही जा रही है। नक्सली नये- नये हथकंडे अपनाकर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को परेशान कर रहे है। वहीं, बीते 15 दिनों के भीतर चार शिक्षादूतों की निर्मम हत्या कर दी गई है। बीते शुक्रवार को ही एक शिक्षादूत की हत्या की खबर ने इलाके में सनसनी फैला दी थी, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की है।
बताया जा रहा है कि, घटना बीते शुक्रवार देर शाम की है, जब बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में कार्यरत शिक्षादूत कल्लू ताती स्कूल से घर लौट रहे थे। तभी माओवादियों ने उनका अपहरण किया और देर रात उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कल्लू तोड़का गांव के निवासी थे और नेंड्रा स्कूल में शिक्षादूत के रूप में कार्यरत थे।
इधर, बस्तर में नक्सलियों द्वारा ऐसी गतिविधियों को बढ़ता देख छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष राजाराम तोड़ेम का कहना है कि, शिक्षित युवा बदलाव की ओर बढ़ते हैं, जिससे माओवादियों का वर्चस्व खतरे में पड़ता है। पुलिस शिक्षादूतों की सुरक्षा को गंभीरता से ले।
आईजी ने नक्सलियों को दी चेतावनी
जिसके बाद अब जाकर बस्तर आईजी ने शिक्षादूतों की हत्या में शामिल माओवादियों को कड़ी चेतावनी दी है। आईजी ने कहा है कि, फोर्स हर एक माओवादी कैडर और उनके सहयोगियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने का काम करेगी।
बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर में माओवादियों ने शिक्षादूतों की हत्याओं को अंजाम दिया है। माओवादी संगठन के इस अमानवीय कृत्य की निंदा करते हुए बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि, माओवादियों द्वारा अंजाम दी गई घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बस्तर आईजी ने कहा कि, निर्दोष नागरिकों और युवा शिक्षादूतों को पुलिस मुखबिर बताना महज माओवादियों का एक कायराना प्रयास है, जिसका उद्देश्य केवल स्थानीय जनता को डराना और अपने कैडरों का मनोबल बढ़ाना है, जो हाल के समय में लगातार झटकों के कारण पहले ही पूरी तरह गिर चुका है। आईजी ने शिक्षादूतों की हत्या में शामिल माओवादियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि फोर्स हर एक माओवादी कैडर और उनके सहयोगियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने का काम करेगी।