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3000 किलो सोना, उड़ा ले गए थे 6 चोर, लूटा गया था अरबों का… ऐसे हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रॉबरी!

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दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी| आज आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी चोरी के बारे में, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी कहा जाता है. ये चोरी हुई थी दुनिया के सबसे बिजी रहने वाले एयरपोर्ट्स में से एक लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट पर… हम बात कर रहे हैं 1983 में लंदन में हुई ब्रिंक्स-मैट गोल्ड रॉबरी (Brink’s-Mat Gold Robbery) के बारे में. चलिए आपको इस चोरी की पूरी कहानी बताते हैं.

सुबह के करीब छह बजे छह लोग भी एयरपोर्ट पहुंचे, इन छह लोगों की नजर थी एयरपोर्ट के एक गोदाम में रखे गए अरबों रुपये की सोने की ईंटों पर.
यह घटना 26 नवंबर 1983 की सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के पास स्थित ब्रिंक्स-मैट वेयरहाउस में हुई. छह नकाबपोश अपराधी अंदर घुसे. उन्हें इस जगह की अंदरूनी जानकारी थी, क्योंकि सुरक्षा गार्ड एंथनी ब्लैक खुद उनका साथी था. डकैतों ने वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों को बंधक बना लिया और चाबी मिलते ही पूरा गैंग गोदाम के अंदर घुसता है. इनके हाथ में हथियार के अलावा पेट्रोल होता है. अंदर घुसते ही ये लोग पेट्रोल का डिब्बा खोलकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के ऊपर डाल देते हैं और उन्हें पेट्रोल से पूरा गिला कर देते हैं. मिकी के हाथ में माचिस का बॉक्स है. वो हाथ में माचिस की तिल्ली लेकर अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को धमकाता है ‘जल्दी से इस सीक्रेट गेट का कोड बताओ नहीं तो मैं अभी आग लगा दूंगा’… वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड्स माचिस देखकर घबरा जाते हैं. वो तुरंत सिक्योरिटी कोड गैंग को देते हैं. इसी दौरान ब्रायन का एक अन्य साथी वहां लगा हुआ इलैक्ट्रिक सिक्योरिटी सिस्टम तोड़ देता है.
जैसे ही दरवाजा खुलता है सामने चमचमाती सोने की ईंटें देखकर हर कोई दंग रह जाता है. सामने ढेर सारा सोना, हीरे और कैश देखकर खुद ब्रायन और मिकी भी कुछ पल के लिए चौंक जाते हैं. हर तरफ सोने की ईंटें फैली हुई होती हैं. दरअसल ब्रायन को ये पता ही नहीं था कि यहां इतनी ज्यादा सोना मौजूद है. वो सिर्फ यहां पर मौजूद कैश चुराने आया था, लेकिन अब मिकी और ब्रायन तय करते हैं कि वो यहां से सारा सोना लेकर जाएंगे.
लेकिन अब बड़ा सवाल था कि, इतनी भारी मात्रा में सोना चुराया कैसे जाए? ब्रायन के दो साथियों की बंदूक की नोक पर वहां मौजूद सारे सुरक्षाकर्मी थे. मिकी और ब्रायन ने तय किया वो गोदाम के ही एक ट्रक में सारा सोना भरेंगे. इनका एक साथी बाहर से ट्रक लेकर आता है और फिर चार लोग मिलकर फटाफट पूरे गोदाम का सोना ट्रक में भरते हैं. इस काम में इन्हें करीब दो घंटे का वक्त लगता है. इतनी देर तक सुरक्षाकर्मी अंदर ही बंद होते हैं. जैसे ही ट्रक में सोना भर जाता है. ये सभी ट्रक लेकर फरार हो जाते हैं.
कई अरबों की हुई चोरी
ब्रायन गैंग के जाने के बाद सुरक्षाकर्मी तुरंत सुरक्षा अलार्म बजाते हैं. पूरे एयरपोर्ट में हंगामा मच जाता है. पुलिस वेयरहाउस में पहुंचती है, लेकिन वहां तो सबकुछ साफ हो चुका था. इस वेयरहाउस में जॉनसन मैथी बैंक के 3000 हजार किलो की सोने की ईंटे रखी गईं थी, जो उसी दिन कहीं और के लिए रवाना होनी थीं. इन सोने की ईंटों पर बैंक की मुहर भी लगी थी. इसके अलावा वेयरहाउस में काफी अनकट डायमंड्स थे और साथ ही करोड़ों रुपये कैश भी वहां मौजूद था. जो अब ब्रायन और मिकी गैंग के लोग लेकर फरार हो चुके थे.
ये गैंग एयरपोर्ट से सारा सोना लूट तो चुका था, लेकिन सबसे बड़ी समस्या थी इस सोने को कैश में कैसे बदला जाए. कहते हैं ब्रायन ने इस काम में अंडरवर्ल्ड की भी मदद ली. अंडरवर्ल्ड द फॉक्स के कहने पर ही इस सोने को पिघलाने का काम हुआ. अंडरवर्ल्ड के कहने पर लंदन की एक क्रिमिनल बैकग्राउंड रखने वाली एडम फैमिली भी इसपर काम करती है. लंदन का ही एक सुनार इस सोने को पिघलाकर खरीदने के लिए तैयार हो जाता है.

कहते हैं जहां पर ये सोना पिघलाने का काम हो रहा था, वहां पड़ोस में रह रहे एक कपल ने कुछ समय बाद पुलिस को सूचना दी. पुलिस वहां पर आई भी, लेकिन ये कहकर कार्रवाई नहीं की गई ये उनके इलाके में नहीं आता. इसी जगह पर एक साल बाद एक बार फिर पुलिस ने रेड डाली, कहते हैं वहां से कई सोने की ईंटे बरामद हुईं. केस को सुलझाने में पुलिस की तरफ से काफी ढिलाई बरती गई थी. हालांकि कुछ समय बाद गोदाम के सिक्योरिटी गार्ड एंथनी ब्लैक को गिरफ्तार कर लिया गया था. एंथनी ने ही पुलिस को ब्रायन और मिकी का नाम बताया. जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया. लंबे समय तक जब पुलिस को लुटेरों का कोई पता नहीं चला तो, लुटेरों का पता बताने वाले के लिए ईनाम भी तय किया गया था. वो ईनाम की रकम थी 1.7 अरब रुपये. सोचिए पता बताने वाले को जब इतनी रमक देना तय हुआ तो चोरी किया गया सामान कितने का होगा.
माना जाता है कि पुलिस चोरी किये गए सोने का काफी कम हिस्सा ही बरामद कर पाई और ज्यातार सोना पिघला दिया गया था. ब्रायन रॉबिनसन और और मिकी को कोर्ट से 25 साल की सजा मिली. एंथनी को भी छह साल के लिए जेल भेजा गया.

26 नवंबर 1983 में हुई इस घटना का सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा ललॉयड्स ऑफ लंदन (Lloyd’s of London) कंपनी को. ये एक इंश्योरेंस कंपनी थी और वेयरहाउस में रखा गया तमाम सामान इसी कंपनी के साथ इन्शोयर्ड था. कंपनी को सोने की ईंटों की कीमत देना पड़ा था.

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