क्या सच में रिवर्स हो सकती है डायबिटीज? सोशल मीडिया पर फैल रहे दावे में कितनी हकीकत…
Is It Possible to Reverse Type 2 Diabetes: डायबिटीज एक क्रॉनिक डिजीज है, जो एक बार हो जाए तो इसे जिंदगीभर कंट्रोल करना पड़ता है. डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए कई मरीजों को रोज दवा या इंसुलिन लेनी पड़ती है. हालांकि कई लोग अच्छी लाइफस्टाइल, संतुलित खानपान और रेगुलर एक्सरसाइज के जरिए बिना दवा के भी डायबिटीज को कंट्रोल करने में सफलता हासिल कर लेते हैं. कई लाइफस्टाइल कोच सोशल मीडिया पर दावा करते हैं कि डायबिटीज को रिवर्स किया जा सकता है. अक्सर लोग इन बातों को सच मान लेते हैं और यह मान लेते हैं कि टाइप 2 डायबिटीज रिवर्स हो सकती है. हालांकि डॉक्टर्स की मानें तो डायबिटीज को रिवर्स करना संभव नहीं है. लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए.
डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अच्छी लाइफस्टाइल, बेहतर खानपान और रेगुलर एक्सरसाइज जरूरी है. इन सभी फैक्टर्स से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है. जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज हुई हो और वे शुरू से ही इसे कंट्रोल करने की कोशिश करें, तो वे बिना दवाओं के भी इसे कंट्रोल कर सकते हैं. इसे मेडिकल साइंस में डायबिटीज का रेमिशन कहा जाता है. इसका मतलब होता है कि मरीज बिना दवाओं के भी डायबिटीज कंट्रोल कर सकता है, लेकिन अगर खानपान और लाइफस्टाइल बिगड़ेगी, तो शुगर लेवल फिर बढ़ जाएगा. ऐसे में इसे रिवर्सल नहीं माना जा सकता है.
डॉक्टर के मुताबिक डायबिटीज रेमिशन की संभावना भी उन लोगों में ज्यादा होती है, जो डायबिटीज होने के 2 साल के अंदर इसे पूरी तरह कंट्रोल कर लें. जिन लोगों की बीटा-सेल्स काम कर रही होती हैं, उनके लिए डायबिटीज रेमिशन करना पॉसिबल होता है. जितने लंबे समय से डायबिटीज की बीमारी होगी, उतना ही बीटा सेल्स डैमेज होंगी और इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा. जो लोग 5-10 साल से डायबिटीज से जूझ रहे हैं, उनके लिए रेमिशन करना भी काफी मुश्किल है. डायबिटीज के मरीजों को बाजार में डायबिटीज रिवर्स करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और अपनी दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए.
अगर आपको हाल ही में टाइप 2 डायबिटीज डायग्नोज हुई है, तो उसके रेमिशन के लिए हेल्दी, बैलेंस्ड और कम कैलोरी वाली डाइट फॉलो करें. नियमित व्यायाम करें और तनाव कम करें. रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें और अपना वजन कम करें. डॉक्टर की दी गई दवाएं समय पर लें और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं और HbA1c चेक कराएं. इन सभी बातों का ध्यान रखकर आप शुरुआती लेवल पर डायबिटीज का रेमिशन कर सकते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बीमारी खत्म हो गई है और आप दोबारा ठीक हो गए हैं. डायबिटीज को लाइफ टाइम कंट्रोल करना पड़ता है.