लिव-इन पार्टनर का कत्ल, फिर खाल निकालकर दरवाजे पर टांगी, मांस से बनाई सब्जी, टेस्ट करते ही…
Katherine Knight एक ऐसी भयानक औरत जिसे शैतान भी कहा जाए तो कम है, उसे पहले तो पति पर चाकू से 36 बार वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया. उसने सबसे पहले एक जॉन के शरीर की पूरी खाल निकाल दी. फिर सिर के छोटे-छोटे टुकड़े करके उनकी सब्जी बना दी. नाम है- कैथरीन नाइट (Katherine Knight)… चलिए आपको बताते हैं इस भयानक महिला की कहानी.
कैथरीन नाइट का जन्म 24 अक्टूबर 1955 को ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में हुआ था. उसके घर का माहौल सामान्य बच्चों जैसा नहीं था. पिता शराबी और हिंसक थे. वो अपनी पत्नी के साथ मारपीट करते और कई बार जबरदस्ती संबंध बनाते.
कैथरीन नाइट कौन थी?
14 साल की उम्र तक कैथरीन स्कूल में कुछ सीख ही नहीं पाई, न पढ़ाई में मन लगा और न ही घर के माहौल में चैन मिला. आखिरकार उसने पढ़ाई छोड़ दी और घर से बाहर निकल गई. कुछ समय बाद उसे एक दुकान में कसाई का काम मिल गया. यही काम बाद में उसकी पहचान भी बना. 18 साल की उम्र में उसने एक युवक से शादी कर ली. शादी के एक साल बाद वह मां बनी. लेकिन डिलीवरी के बाद वह पोस्टनेटल डिप्रेशन से गुजरने लगी.
14 साल की उम्र तक कैथरीन स्कूल में कुछ सीख ही नहीं पाई, न पढ़ाई में मन लगा और न ही घर के माहौल में चैन मिला. आखिरकार उसने पढ़ाई छोड़ दी और घर से बाहर निकल गई. कुछ समय बाद उसे एक दुकान में कसाई का काम मिल गया. यही काम बाद में उसकी पहचान भी बना. 18 साल की उम्र में उसने एक युवक से शादी कर ली. शादी के एक साल बाद वह मां बनी. लेकिन डिलीवरी के बाद वह पोस्टनेटल डिप्रेशन से गुजरने लगी.
कैथरीन का गुस्सैल और हिंसक स्वभाव अब साफ दिखाई देने लगा था. पति से झगड़े, गाली-गलौज और मारपीट आम बात हो गई थी. आखिरकार दोनों का रिश्ता टूट गया. फिर उसके जीवन में कई और पुरुष आए. हर बार रिश्ता शुरू हुआ, बच्चा पैदा हुआ और झगड़े के बाद रिश्ता खत्म हो गया. 1986 में एक और पुरुष से अफेयर हुआ और तीसरी बेटी पैदा हुई. 1991 में चौथे रिश्ते से एक बेटा हुआ. लेकिन कोई भी रिश्ता टिक न सका.
1995 में कैथरीन की जिंदगी में जॉन प्राइस आया. वह 40 साल का था, तलाकशुदा और तीन बच्चों का पिता. कैथरीन भी तब तक चार बच्चों की मां बन चुकी थी. दोनों ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहना शुरू कर दिया. कैथरीन चाहती थी कि जॉन उससे शादी कर ले. लेकिन जॉन इसके लिए तैयार नहीं था. दोनों के बीच झगड़े होते रहे. जॉन को पता था कि कैथरीन का गुस्सा खतरनाक है. कई बार उसने उसे घर से निकाल भी दिया. लेकिन कैथरीन बार-बार उसके पास लौट आती थी.
हत्या के पहले बनाए शारीरिक संबंध
29 फरवरी 2000 की रात थी. जॉन अपने घर में सो रहा था. कैथरीन वहां पहुंची. उसने जॉन को शराब पिलाई और शारीरिक संबंध बनाए. उसे लगा कि शायद अब जॉन शादी के लिए मान जाएगा. लेकिन जब जॉन ने फिर ‘ना’ कहा, तो कैथरीन का दिमाग फट पड़ा. वह कसाई के औजारों का डिब्बा लाई, चाकू निकाला और सोते हुए जॉन पर टूट पड़ी. उसने बार-बार चाकू मारा, जब तक कि जॉन की मौत नहीं हो गई. लेकिन उसका गुस्सा यहीं नहीं रुका.
29 फरवरी 2000 की रात थी. जॉन अपने घर में सो रहा था. कैथरीन वहां पहुंची. उसने जॉन को शराब पिलाई और शारीरिक संबंध बनाए. उसे लगा कि शायद अब जॉन शादी के लिए मान जाएगा. लेकिन जब जॉन ने फिर ‘ना’ कहा, तो कैथरीन का दिमाग फट पड़ा. वह कसाई के औजारों का डिब्बा लाई, चाकू निकाला और सोते हुए जॉन पर टूट पड़ी. उसने बार-बार चाकू मारा, जब तक कि जॉन की मौत नहीं हो गई. लेकिन उसका गुस्सा यहीं नहीं रुका.
उसने जॉन की लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए. उसकी खाल उतारकर दरवाजे पर टांग दी गई. किचन में जाकर कैथरीन ने उसके मांस से सब्जी बनाई. उसकी मंशा थी कि जॉन के बच्चों को यह खाना परोसा जाए. लेकिन खुद जब उसने उस सब्जी का स्वाद चखा, तो उसे उल्टी हो गई. तभी उसे अपने किए पर पछतावा हुआ. डर और घबराहट में उसने नींद की गोलियां खा लीं और बेहोश हो गई.
ऐसे आया सच सामने
अगले दिन जब जॉन ऑफिस नहीं पहुंचा, तो उसके बॉस को शक हुआ. एक कर्मचारी को उसके घर भेजा गया. वहां का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया- दरवाजे पर इंसानी खाल, किचन में मांस और खून से सना कमरा. पुलिस तुरंत पहुंची और कैथरीन को अस्पताल ले जाया गया. होश आने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. 2001 में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. कैथरीन ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला बनी, जिसे बिना पैरोल के ‘लाइफ इम्प्रिजनमेंट’ दिया गया.
अगले दिन जब जॉन ऑफिस नहीं पहुंचा, तो उसके बॉस को शक हुआ. एक कर्मचारी को उसके घर भेजा गया. वहां का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया- दरवाजे पर इंसानी खाल, किचन में मांस और खून से सना कमरा. पुलिस तुरंत पहुंची और कैथरीन को अस्पताल ले जाया गया. होश आने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. 2001 में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. कैथरीन ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला बनी, जिसे बिना पैरोल के ‘लाइफ इम्प्रिजनमेंट’ दिया गया.