दो पुरुषों की प्रेम कहानी! संबंध बनाया फिर कर दिया कत्ल…
तेलंगाना| इंटरनेट ने लोगों की जिंदगी आसान बना दी है, कुछ भी सीखना हो, एक क्लिक में सब मिल जाता है. लेकिन जब यही इंटरनेट गलत हाथों में पड़ जाए, तो वह कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका ताजा उदाहरण तेलंगाना के खम्मम जिले से सामने आया है.
दरअसल, यह कहानी है परीमी अशोक नाम के एक युवक की, जिसने यूट्यूब वीडियो देखकर हत्या और लाश को ठिकाने लगाने का तरीका सीखा. जो कभी एक दोस्ती थी, वह धीरे-धीरे एक खौफनाक कत्ल में बदल गई.
समलैंगिक संबंध बना कर कत्ल
अशोक मूल रूप से आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले का रहने वाला था, लेकिन कुछ समय से खम्मम में रह रहा था. यहीं उसकी मुलाकात हुई 40 साल के गाटला वेंकटेश्वरलु से. वेंकटेश्वरलु कप्तान बंजारा गांव का रहने वाला था और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था. दोनों की जान-पहचान धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदली, और फिर यह रिश्ता समलैंगिक संबंध में बदल गया. वेंकटेश्वरलु, उम्र में बड़ा होने के कारण, अक्सर अशोक की आर्थिक मदद करता था. खेती में नुकसान होने के बावजूद भी वह उसे पैसे देता रहता था. लेकिन वक्त के साथ उनके बीच झगड़े बढ़ने लगे.
अशोक मूल रूप से आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले का रहने वाला था, लेकिन कुछ समय से खम्मम में रह रहा था. यहीं उसकी मुलाकात हुई 40 साल के गाटला वेंकटेश्वरलु से. वेंकटेश्वरलु कप्तान बंजारा गांव का रहने वाला था और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था. दोनों की जान-पहचान धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदली, और फिर यह रिश्ता समलैंगिक संबंध में बदल गया. वेंकटेश्वरलु, उम्र में बड़ा होने के कारण, अक्सर अशोक की आर्थिक मदद करता था. खेती में नुकसान होने के बावजूद भी वह उसे पैसे देता रहता था. लेकिन वक्त के साथ उनके बीच झगड़े बढ़ने लगे.
15 सितंबर की रात, वेंकटेश्वरलु अशोक के घर आया. बातचीत के दौरान किसी बात पर दोनों के बीच जोरदार झगड़ा हो गया. गुस्से में आकर अशोक ने चाकू से उस पर कई वार किए, जिससे वेंकटेश्वरलु की मौके पर ही मौत हो गई. अब अशोक के सामने सबसे बड़ा सवाल था, लाश का क्या किया जाए? तभी उसे सूझा कि इंटरनेट पर तरीका खोजा जाए. उसने यूट्यूब पर वीडियो देखे और वहां से सीखा कि कैसे लाश को काटकर अलग-अलग जगह फेंका जा सकता है.
वीडियो देखकर उसने वेंकटेश्वरलु की लाश के टुकड़े किए, उन्हें प्लास्टिक बैग्स में भरा और एक बेडशीट में लपेट दिया. इसके बाद वह उन बैग्स को शहर के करुनागिरी इलाके की झाड़ियों और कूड़े के ढेर में फेंक आया. इतना ही नहीं हत्या के बाद उसने कमरे की सफाई की, खून के निशान मिटाए और सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की.
लेकिन पुलिस को वेंकटेश्वरलु के गायब होने की खबर मिली और जांच शुरू हुई. मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने सुराग जोड़ने शुरू किए. आखिरकार पुलिस ने अशोक तक पहुंचकर पूरी वारदात का खुलासा कर दिया.
खम्मम ग्रामीण एसीपी बी. तिरुपति रेड्डी ने बताया कि अशोक ने अकेले नहीं, बल्कि दो साथियों की मदद से हत्या को छुपाने की कोशिश की थी. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से 2.7 तोला सोने की चेन, मोबाइल और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.