प्रदेश भाजपा कार्यालय के मंत्री ने सीएम साय से भेंट कर दीपावली की शुभकामनांए दी एवं काष्ठ निर्मित भगवान जगन्नाथ की कलाकृति की भेंट
रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय के मंत्री अशोक बजाज एवं सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज सीएम हाउस में भेंट कर दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री को काष्ठ निर्मित भगवान जगन्नाथ की उत्कृष्ट कलाकृति भेंट की।
मुख्यमंत्री ने कलाकृति का निरीक्षण करते हुए इसकी बारीकी और कारीगरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी कला और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसी कलाकृतियां न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के आर्थिक विकास में भी योगदान देती हैं।
भेंट के दौरान अशोक बजाज और प्रीतेश गांधी ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह कलाकृति पूरी तरह से स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की गई है और इसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की त्रिमूर्ति को सुंदर ढंग से उकेरा गया है। उन्होंने कहा कि यह कलाकृति दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री को भेंट कर उन्हें सम्मानित करने का एक छोटा प्रयास है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में स्वदेशी कारीगरों की कला को अधिक से अधिक मंच प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में इस प्रकार की कलात्मक पहलों और कारीगरों के प्रयासों को राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से और मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर उपस्थित मंत्री अशोक बजाज और प्रीतेश गांधी ने मुख्यमंत्री को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व समाज में उजाला, सौहार्द और भाईचारे का संदेश लेकर आता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्वदेशी कलाकृतियों और हस्तशिल्प प्रदर्शनी आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आम जनता और कारीगर दोनों को लाभ मिल सके।
सीएम हाउस में हुई भेंट में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच कला, संस्कृति और सामाजिक विकास को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय शिल्प को संरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राजनीतिक और प्रशासनिक पहल का संयोजन होना चाहिए ताकि कलाकारों और शिल्पकारों को उचित मूल्य और सम्मान मिल सके।