35 घाटों पर होगी छठ पूजा की व्यवस्था, आज श्रद्धालु देंगे डूबते सूर्य को अघ्र्य, एसपी ने किया घाटों का सघन निरीक्षण
दुर्ग। चार दिन के छठ पर्व में आज डूबते सूरज को अघ्र्य दिया जाएगा। श्रद्धालु अपने परिवार के साथ घाटों पर जाकर सूर्य को अघ्र्य अर्पित करेंगे। इस दौरान सूप में ठेकुआ, फल, नारियल और अन्य प्रसाद रखकर भगवान सूर्य को भेंट किया जाएगा। दुर्ग-भिलाई में 35 घाटों पर छठ पूजा की व्यवस्था की गई है।
घाटों पर दीपों की रोशनी और छठ गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। महिलाएं पारंपरिक गीत गाकर सूर्य देव और छठी मइया से परिवार की खुशहाली, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करेंगी। छठ महापर्व का समापन सोमवार, 28 अक्टूबर की सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य देकर होगा।
यह पर्व का सबसे पवित्र और भावनात्मक पल माना जाता है। इस समय घाटों पर बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। व्रती महिलाएं चार दिनों के कठिन व्रत के बाद सुबह सूर्यदेव को अघ्र्य देकर व्रत पूरा करती हैं। इस दौरान वे सूर्यदेव और छठी मैया से अपने परिवार की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं।
दुर्ग-भिलाई में छठ पूजा को लेकर जबरदस्त उत्साह है। नगर निगम और प्रशासन ने घाटों की सफाई, सजावट और रोशनी की खास तैयारी की है। घाटों को रंगीन लाइटों, झालरों और तोरण द्वारों से सुंदर बनाया गया है। महिलाएं पारंपरिक कपड़ों में व्रत की पूरी तैयारी कर चुकी हैं।
भिलाई में 25 से ज्यादा तालाबों पर और दुर्ग में 10 से अधिक घाटों पर पूजा की व्यवस्था की गई है। बड़ी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पक्के इंतजाम किए हैं।
छठ पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रविवार को पुलिस अधीक्षक दुर्ग और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ने जिले के प्रमुख घाटों और आयोजन स्थलों का सघन निरीक्षण किया।